राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होने के खिलाफ SC में याचिका दाखिल, प्रावधान खत्म करने की मांग

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 25 Mar 2023 11:52 AM

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राहुल गांधी का हवाला देते हुए केरल की आभा मुरलीधरन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें उन्होंने जनप्रतिनिधियों के अधिनियम की धारा को असंवैधानिक करार देने की मांग की है. याचिका में दोष सिद्ध होने के बाद निर्वाचित विधायी निकायों के प्रतिनिधियों की स्वत: अयोग्यता को चुनौती दी गयी है.

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मोदी सरनेम मामले में दायर आपराधिक मानहानि मामले में सूरत कोर्ट से दो साल की सजा सुनाये जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कर संसद सदस्यता भी खत्म हो गयी है. अब इस मामले को लेकर कांग्रेस में मंथन जारी है, तो दूसरी ओर सदस्यता खत्म करने के प्रावधान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गयी है.

केरल की आभा मुरलीधरन ने सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की

राहुल गांधी का हवाला देते हुए केरल की आभा मुरलीधरन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें उन्होंने जनप्रतिनिधियों के अधिनियम की धारा 8(3) को असंवैधानिक करार देने की मांग की है. याचिका में दोष सिद्ध होने के बाद निर्वाचित विधायी निकायों के प्रतिनिधियों की स्वत: अयोग्यता को चुनौती दी गयी है.

क्या कहता है जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951?

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत दो साल या उससे अधिक समय के लिए जेल की सजा पाने वाले व्यक्ति को दोष सिद्धि की तारीख से अयोग्य घोषित किया जाता है. साथ ही सजा पूरी होने के बाद व्यक्ति छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकता है.

मोदी सरनेम मामले में दो साल की सजा के बाद राहुल गांधी की गयी सांसदी

गौरतलब है कि मोदी सरनेम मामले में दायर आपराधिक मानहानि केस में दोषी ठहराए जाने के 24 घंटे के भीतर लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया. लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना में कहा गया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सूरत की अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद केरल के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा सदस्य (राहुल गांधी) अपनी दोषसिद्धि अर्थात 23 मार्च, 2023 से सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाते हैं.

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राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर भी लग सकती है रोक

अगर 52 वर्षीय राहुल गांधी की दोषसिद्धि और सजा पर ऊपरी अदालत से स्थगन आदेश नहीं मिलता है, तो वह अगले आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. अयोग्य ठहराए जाने की अधिसूचना जारी होने से कुछ घंटे पहले राहुल गांधी लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए और संसद भवन में पार्टी सांसदों की बैठक में भाग लिया.

राहुल गांधी के पास अब क्या है रास्ता

अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की जेल की सजा होती है और ऊपरी अदालत द्वारा इस सजा पर रोक लगा दी जाती है, तो जनप्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम के तहत वह अयोग्यता से बच सकता है. मानहानि के मामले में गांधी को राहत के लिए पहले अपीलीय अदालत का रुख करना होगा और अपने पक्ष में न्यायिक आदेश हासिल करने के बाद में सांसद के रूप में अपनी स्थिति की बहाली के लिए उन्हें लोकसभा सचिवालय जाना होगा.

राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने इस मामले में सुनाया सजा

सूरत की एक अदालत ने मोदी सरनेम संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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