क्वाड समिट: 'LAC के मौजूदा हालात के लिए चीन जिम्मेदार, तोड़े समझौते', एस जयशंकर कुछ यूं भड़के

Updated at : 12 Feb 2022 10:42 AM (IST)
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क्वाड समिट: 'LAC के मौजूदा हालात के लिए चीन जिम्मेदार, तोड़े समझौते', एस जयशंकर कुछ यूं भड़के

**EDS: IMAGE POSTED BY @sjaishankar ON FRIDAY, FEB 11, 2022** Melbourne: Minister of External Affairs S. Jaishankar with Australian Minister for Foreign Affairs Marise Payne during a visit to MCG, in Melbourne, Friday, Feb. 11, 2022. (PTI Photo) (PTI02_11_2022_000329B)

Quad Foreign Ministers Meet : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने(क्वाड) में भारत-चीन संबंधों पर चर्चा की क्योंकि यह इस बात का हिस्सा था कि हमारे पड़ोस में क्या हो रहा है. इस बारे में हमने एक दूसरे को जानकारी दी.

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Quad Foreign Ministers Meet : ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मारिस पायने से कई अहम मुद्दों पर बात की. इस मौके पर उन्होंने चीन को आड़े हाथ लिया और कहा कि चीन के द्वारा 2020 में सीमा पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती न करने के लिखित समझौतों की अवहेलना की गई जिसकी वजह से तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई. जब एक बड़ा देश लिखित प्रतिबद्धताओं की अवहेलना करता है, तो यह पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन जाता है.

हमने एक दूसरे को पूरी जानकारी दी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने(क्वाड) में भारत-चीन संबंधों पर चर्चा की क्योंकि यह इस बात का हिस्सा था कि हमारे पड़ोस में क्या हो रहा है. इस बारे में हमने एक दूसरे को जानकारी दी. यह एक ऐसा मुद्दा है जिसमें बहुत से देश वैध रूप से रुचि लेते हैं, खासकर यदि वे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से हैं. उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में बहुत कठिन दौर में भी दोनों देशों के बीच लगातार बहुत सी चर्चाएं हमारे संबंधों में आए बड़े परिवर्तन को दर्शाती हैं.

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ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा सीमाओं को खोलने के फैसले का स्वागत

मेलबर्न में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि मैं ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा सीमाओं को खोलने के फैसले का स्वागत करता हूं, जिससे उन लोगों की मदद मिलेगी जो भारत में वापस आने का इंतजार कर रहे हैं, विशेष रूप से छात्रों और अस्थायी वीजा धारकों को. इस कदम की सराहना की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम इंडो-पैसिफिक में व्यापक समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए अधिक विश्वसनीय और लचीला आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ावा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आगे कहा कि हमने आतंकवाद और उग्रवाद के बारे में भी चिंताओं को साझा किया. सीमा पार आतंकवाद को लेकर हम गंभीर हैं. बहुपक्षीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने और आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ावा देने का हमारा साझा प्रयास है.

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच व्यापार और निवेश में गहरे संबंध

इधर मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने ने कहा कि मैत्री स्कॉलर प्रोग्राम के तहत ऑस्ट्रेलिया सरकार ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए भारतीय छात्रों की मदद के लिए 4 वर्षों में 11 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि देगी. उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समर्थन और रचनात्मक उद्योगों की बढ़ावा देने के लिए मैत्री सांस्कृतिक साझेदारी के तहत 4 वर्षों में 6 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च करेंगे. पायने ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच व्यापार और निवेश में गहरे संबंध हैं. डेन तेहान व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के लिए एक दौर की बातचीत के बाद भारत से लौट रहे हैं.

Posted By : Amitabh Kumar

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