Prajwal Video Case : सिद्धारमैया ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की गुजारिश- प्रज्ज्वल रेवन्ना का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द करें

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 01 May 2024 6:01 PM

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prajwal revenna/ File Photo

Prajwal Video Case जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना ने कहा कि एसआईटी ने मुझे नोटिस किया है, मैं एसआईटी का सामना करने के लिए तैयार हूं. प्रज्ज्वल रेवन्ना देश से बाहर हैं.

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Prajwal Video Case : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह आग्रह है किया है कि वे विदेश मंत्रालय को यह आदेश दें कि वह प्रज्ज्वल रेवन्ना को जारी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट को रद्द करें. मुख्यमंत्री का यह पत्र तब सामने आया है जब इस तरह की सूचना आ रही है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना कर्नाटक में पहले चरण का मतदान समाप्त होने के बाद जर्मनी चले गए हैं.

हासन लोकसभा सीट से सांसद हैं प्रज्ज्वल रेवन्ना

सिद्धारमैया ने अपने पत्र में लिखा है कि आपको तो जानकारी होगी ही कि हासन लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद पर किस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी जांच चल रही है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम से गुजारिश की है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रज्ज्वल रेवन्ना के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट को रद्द करके उन्हें तुरंत स्वदेश बुलाया जाया. सिद्धारमैया ने पत्र में लिखा है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ सात महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई है, जो मामले की जांच में दिन रात जुटी है, लेकिन पूछताछ के लिए रेवन्ना मौजूद नहीं है. अत: यह अति आवश्यक है कि वे स्वदेश लौटें ताकि जांच सही तरीके से हो.

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एसआईटी ने किया समन

गौरतलब है कि अश्लील वीडियो मामले में कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पूछताछ के लिए हासन के सांसद और एनडीए के उम्मीदवार प्रज्ज्वल रेवन्ना और उनके पिता और जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना को समन भेजा है. प्रज्वल रेवन्ना का वीडियो सामने आने के बाद उनके पार्टी ने कार्रवाई की है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है. कांग्रेस सरकार ने यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. प्रज्ज्वल रेवन्ना ने एक्स पर पोस्ट लिखा है कि मैं पूछताछ के लिए बेंगलुरू में नहीं हूं इसलिए मैंने अपने वकीले के जरिए सीआईडी बेंगलुरु को इसके बारे में जानकारी दे दी है. सच्चाई जल्दी ही सामने आएगी. वही उनके पिता और जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली है कि एसआईटी ने मुझे नोटिस किया है, मुझे कोई चिंता नहीं है मैं एसआईटी का सामना करने के लिए तैयार हूं.

राजनीतिक गलियारों में हंगामा

कुछ दिनों पहले जब प्रज्ज्वल का वीडियो सामने आया तो राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला किया, जिसके बाद बीजेपी की ओर से यह कहा गया कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो, बीजेपी नारी शक्ति का सम्मान करती है और उनके साथ अगर कोई गलत व्यवहार करता है, तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए. चूंकि हासन में मतदान होना है, इसलिए एनडीए के लिए यह वीडियो मुसीबत बन गया है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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