इस फैसले से पेट्रोल - डीजल की बढ़ती कीमत पर लगी रोक, जानें तेल कपंनियों ने क्या लिया फैसला
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 21 Feb 2021 9:10 PM
कंपनी के इस फैसले के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब तेल की कीमतें स्थिर है इनकी कीमत नहीं बढ़ रही इसलिए भी कंपनियों ने यह फैसला लिया है. देश के शीर्ष महानगरों में पेट्रोल सबसे महंगा है. यहां पेट्रोल 97 रुपये की कीमत पर बना हुआ है. यहां डीजल 88.06 पर है.
पेट्रोल – डीजल की बढ़ती कीमतों को ब्रेक लगा है. कीमतें आसमान छू रही थी लेकिन अब राहत देने वाली खबर आ रही है. अब तेल कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल – डीजल के भाव को अपरिवर्तित करने का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 90.58 रुपये और डीजल 80.97 रुपये पर है.
कंपनी के इस फैसले के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब तेल की कीमतें स्थिर है इनकी कीमत नहीं बढ़ रही इसलिए भी कंपनियों ने यह फैसला लिया है. देश के शीर्ष महानगरों में पेट्रोल सबसे महंगा है. यहां पेट्रोल 97 रुपये की कीमत पर बना हुआ है. यहां डीजल 88.06 पर है.
Also Read:
उत्तराखंड आपदा: खत्म नहीं हुआ है शव मिलने का सिलसिला अबतक 68 बॉडी बरामद, 206 लापता
वित्त मंत्री सीतारमण ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों की वजह से वह ‘धर्म संकट’ (दुविधा) में फंसी हैं. यह एक ऐसा मामला है, जिसे लेकर हर कोई एक जवाब सुनना चाहता है कि कीमत में कटौती कब की जाएगी.
केंद्र और राज्यों को करना चाहिए समाधान
वित्त मंत्री ने कहा कि यह मामला केंद्र और राज्य दोनों से जुड़ा है. इसलिए दोनों को मिलकर इस समस्या का हल निकालना चाहिए. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि तेल उत्पादक देशों ने कहा है कि उत्पादन में अभी और कमी आने वाली है. इससे पेट्रोल की कीमत पर दबाव बढ़ेगा और कीमत में तेजी आएगी.
पेट्रोल पर 60 फीसदी लगता है टैक्स
पेट्रोल की खुदरा कीमत में 60 फीसदी और डीजल की कीमत में 54 फीसदी तक टैक्स लगता है. इसमें केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा शामिल होता है. चेन्नई में वित्त मंत्री ने कहा कि ओपेक देशों ने उत्पादन का जो अनुमान लगाया था, वह भी नीचे आने की संभावना है. इस कारण चिंता फिर से बढ़ रही है. तेल के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं है. इसे तकनीकी तौर पर मुक्त कर दिया गया है. तेल कंपनियां कच्चा तेल आयात करती हैं , रिफाइन करती हैं और बेचती हैं.
आखिर क्यों बढ़ रही है कीमत
भारत में पेट्रोल-डीजल का खुदरा भाव वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव से लिंक है. इसका मतलब है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का भाव कम होता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा. अगर कच्चे तेल का भाव बढ़ता है, तो पेट्रोल-डीजल के लिए ज्यादा खर्च करना होगा, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का भाव चढ़ता है, तो ग्राहकों पर इसका बोझ डाला जाता है. वहीं, जब कच्चे तेल का भाव कम होता है, उस वक्त सरकार अपनी रेवेन्यू बढ़ाने के लिए ग्राहकों पर टैक्स का बोझ डाल देती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










