Pesa Mahotsav: पेसा महोत्सव’ का होगा शुभारंभ, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 23 और 24 दिसंबर को आयोजन

Edited by Pritish Sahay
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Pesa Mahotsav, Photo- @PIBHindi

Pesa Mahotsav: Pesa Mahotsav: पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के मौके पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन करने जा रहा है. यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा.

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Pesa Mahotsav: पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के मौके पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन करने जा रहा है. यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा. पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के मौके पर 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा. आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है. पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर को होगा, इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है.

विभिन्न विषयों पर होगा मंथन

पेसा उत्सव के तहत आंध्र प्रदेश की पेसा ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें भाग लेने वाले राज्यों के निर्वाचित प्रतिनिधि दस चिन्हित पेसा विषयों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा 24 दिसंबर को सभी दस पेसा राज्यों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन होगा. इसका मकसद सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षण देना, पारंपरिक रीति-रिवाजों की रक्षा, आजीविका के अवसरों का विस्तार करना और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है. इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी.

महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी. गौरतलब है कि पेसा कानून बनाया है. संविधान के अनुच्छेद 244(1) तथा पांचवीं अनुसूची में इन क्षेत्रों से संबंधित प्रावधान निहित हैं. चूंकि इन क्षेत्रों का उल्लेख संविधान की पांचवीं अनुसूची में किया गया है, इसलिए इन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र भी कहा जाता है. मौजूदा समय में पांचवीं अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्र 10 राज्यों में अधिसूचित हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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