Parliament Winter Session: पिछले 10 साल में 1734 आम लोगों की हुई मौत, 598 सुरक्षा बल हुए शहीद, 16336 नक्सली गिरफ्तार

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Dec 2025 7:57 PM

विज्ञापन

सदन में आंकड़ा पेश करते मंत्री नित्यानंद राय , फोटो PTI

Parliament Winter Session: पिछले 10 साल में, 2014 से 1 दिसंबर 2025 तक, कुल 1734 आम लोगों की मौत हुई. जबकि 598 सुरक्षा बल शहीद हुए. कुल 16336 वामपंथी उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को संसद में चर्चा के दौरान यह जानकारी दी.

विज्ञापन

Parliament Winter Session: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन को जानकारी देते हुए बताया 10 सालों के दौरान 9588 वामपंथी उग्रवादियों ने सरेंडर किया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि सुरक्षा बलों ने 2019 से अब तक 29 शीर्ष नक्सलियों को मार गिराया और अकेले इस साल माओवादियों की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के 14 सदस्य मारे गए हैं.

पिछले 10 साल का आंकड़ा

वर्षनागरिकों की मौतसुरक्षा बलों के शहीदगिरफ्तार किए गए उग्रवादीआत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी
2014222881696676
2015171591668570
20162136518401442
2017188751888685
2018173671933644
2019150521276440
2020140431110475
202197501153736
20228216816496
202310632924376
2024131191090881
2025 (01.12.2025 तक)61329422167
कुल1734598163369588

देश के केवल तीन जिले वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित : मंत्री नित्यानंद राय

सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि नक्सल प्रभावित राज्यों की संख्या 2014 के 10 से घटकर 2025 (अक्टूबर तक) पांच रह गई है, जो 50 प्रतिशत की कमी है. उन्होंने कहा कि वहीं, वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या में भी इस अवधि के दौरान 91 प्रतिशत की तीव्र गिरावट देखी गई और यह संख्या 126 से घटकर 11 रह गई.
उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या अप्रैल 2018 के 126 से घटकर अक्टूबर 2025 में मात्र 11 रह गई. मंत्री ने कहा कि अब केवल तीन जिले ही वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित हैं. मंत्री ने दावा किया कि वामपंथी उग्रवाद ‘‘मार्च 2026 तक समाप्त हो जाएगा.

ये भी पढ़ें: RSS के प्रोजेक्ट के तहत संस्थाओं और निर्वाचन आयोग पर किया गया कब्जा, राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola