Online Class: स्कूल खुले न खुले बच्चों की पढ़ाई में नहीं होगी ढिलाई, संसद की स्थायी समिति ने दिया अहम सुझाव

School Reopen, Online Class नयी दिल्ली : कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई को लेकर सभी चिंतित हैं. प्राइवेट स्कूल (Private School) के बच्चे तो ऑनलाइन क्लास (Online Class) के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है. स्मार्टफोन की कमी और गरीबी के कारण ये बच्चे ऑनलाइन क्लास से वंचित रह जा रहे हैं. ऐसे में शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की एक स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने केंद्र सरकार को एक अहम सुझाव दिया है.
School Reopen, Online Class नयी दिल्ली : कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई को लेकर सभी चिंतित हैं. प्राइवेट स्कूल (Private School) के बच्चे तो ऑनलाइन क्लास (Online Class) के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है. स्मार्टफोन की कमी और गरीबी के कारण ये बच्चे ऑनलाइन क्लास से वंचित रह जा रहे हैं. ऐसे में शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की एक स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने केंद्र सरकार को एक अहम सुझाव दिया है.
स्थायी समिति ने अपनी सलाह में कहा है कि सभी ग्राम पंचायतों में एक बड़ा टेलीविजन लगाया जाए, जिसके माध्यम से बच्चे ऑनलाइन क्लास कर सकें. ये टेलीविजन किसी खुली जगह या बड़े सभागार में भी लगाया जा सकता है. जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन या टीवी नहीं है, वैसे बच्चे यहां अपनी कक्षाएं कर सकते हैं. इसके लिए समय भी निर्धारित कर दिया जाए.
समिति के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि समिति के अधिकांश सदस्यों ने सैटेलाइट टीवी कक्षा के लिए इसरो से मदद लेने का फैसला किया है. जैसा कि ओडिशा और गुजरात ने शुरू कर दिया है. छात्र, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से महामारी के कारण पढ़ाई की खाई को पाटने का लाभ उठा सकते हैं.
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स्थायी समिति ने एक और रिपोर्ट तैयार की है जिसमें आधा दर्जन से अधिक ऐसे राज्य हैं जहां ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है. भाजपा नेता और संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सेटेलाइट चैनल के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा को सभी तक पहुंचाने की बात कही गयी.
सभी आधा दर्जन राज्य इस बात पर सहमत भी हुए हैं कि सेटेलाइट चैनलों के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन हो. इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र आदि राज्य शामिल हैं. सेटेलाइट की सुविधा मुहैया कराने के लिए इसरो की भी मदद ली जायेगी. राज्यों ने समिति को भरोसा दिया है कि जल्द ही सेटेलाइट चैनलों के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जायेगा.
बता दें कि हाल ही में एक रिपोर्ट आयी थी, जिसमें कहा गया कि देश के लगभग 30 फीसदी बच्चों के पास ही स्मार्टफोन है. ऐसे में सरकार के लिए सभी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है. कई ऐसी रिपोर्ट भी सामने आयी हैं, जिसमें कहा गया है कि स्मार्टफोन और टीवी के अभाव में गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. अब ऑनलाइन कक्षाओं को सही ढंग से संचालित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.
Posted By: Amlesh Nandan.
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