Odisha Train Accident: कैग ने सुरक्षा को लेकर किया था आगाह, ध्यान दिया जाता तो नहीं होता इतना बड़ा हादसा!

Edited by Pritish Sahay
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साल 2022 में कैग ने अपनी रिपोर्ट में रेल सुरक्षा को लेकर कहा था कि इसमें कई खामियां हैं. कैग ने पटरी से ट्रेन के उतरने को लेकर रिपोर्ट जारी किया था जसमें कहा था कि रेल मंत्रालय यह पता करें कि ट्रेनों के पटरी से उतरने और टक्करों को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं और वो कितने कारगर हैं.

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Odisha Train accident: ओडिशा में हुए इतने बड़े ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्रालय के साथ-साथ रेल मंत्री पर भी सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष इस हादसे के बाद रेल मंत्री से इस्तीफा मांग रहा है. वहीं, निंदा करने वाले लोगों का कहना है कि हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक  आलोचकों ने यह भी कहा है कि बीते साल सितंबर महीने  में संसद में रेलवे की एक ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें रेल सुरक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आई थीं. गौरतलब है कि ओडिशा में हुए दिल दहला देने वाले हादसे में 275 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, हजारों लोग घायल हुए हैं जिनमें कईयों की हालत चिंताजनक है.

कैग ने अपनी रिपोर्ट में जताई थी चिंता
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे को लेकर कहा है कि हादसे की वजह रेलवे सिग्नल के लिए अहम उपकरण प्वाइंट मशीन और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में किए गए उस बदलाव की पहचान कर ली गई है जिसके कारण यह हादसा हुआ. गौरतलब है कि साल 2022 के सितंबर में ही कैग (CAG) ने रेलवे की ऑडिट रिपोर्ट में कहा था कि रेल सुरक्षा में खामियां हैं.ऐसे में आलोचकों का कहना है कि अगर सही समय पर कैग की रिपोर्ट पर काम हुआ होता तो आज इतना बड़ा हादसा नहीं होता.

ट्रेन सुरक्षा को लेकर क्या थी कैग की रिपोर्ट
पिछले साल 2022 में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने जारी की अपनी रिपोर्ट में रेल सुरक्षा को लेकर कहा था कि इसमें कई खामियां हैं. कैग ने पटरी से ट्रेन के उतरने को लेकर रिपोर्ट जारी किया था. अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा था कि रेल मंत्रालय यह पता करें कि ट्रेनों के पटरी से उतरने और टक्करों को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं और वो कितने कारगर हैं. कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे पटरियों की स्थिति आकलन करने के लिए आवश्यक ट्रैक रिकॉर्डिंग में 30 से 100 फीसदी की कमी आई है.

रिपोर्ट आने के बाद होगी विस्तार से बात

वहीं, घटना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस भीषण घटना के कारण का पता चल गया है.रिपोर्ट आने के बाद इस पर विस्तार से बात की जाएगी. उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों का पता चल गया है. इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन त्वरित संचालन और प्वाइंट स्विच को लॉक करने के लिए रेलवे सिग्नल का महत्वपूर्ण उपकरण है.

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क्या हैं इलेक्ट्रिक पॉइंट मशीन

रेल में हादसे की वजह इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन को बता रहे हैं. दरअसल, इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन त्वरित संचालन और प्वाइंट स्विच को लॉक करने के लिए रेलवे सिग्नल का एक अहम उपकरण है. यह उपकरण रेलगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इन मशीनों के काम न करने की स्थिति में ट्रेन संचालन पर गंभीर असर पड़ता है और इन्हें लगाते समय हुई कमियों की वजह से असुरक्षित स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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