ePaper

सभी कोरोना रोगी म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के नहीं होते शिकार, इन 5 उपायों से इसे रोका जा सकता है

Updated at : 07 May 2021 8:50 PM (IST)
विज्ञापन
सभी कोरोना रोगी म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के नहीं होते शिकार, इन 5 उपायों से इसे रोका जा सकता है

नयी दिल्ली : कोरोनावायर संक्रमण (Corona) के बीच एक और डराने वाली खबर आ रही है कि कुछ संक्रमितों में म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) नामक खतरनाक बीमारी देखने को मिली है. इसे ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (Black Fungus) भी कहा जा रहा है. वहीं नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि कोविड और म्यूकोरमाइकोसिस में कोई संबंध नहीं है. यह बीमारी सभी कोविड मरीजों में देखने के लिए नहीं मिलती है. उन्होंने कहा कि जिन्हे तेज मधुमेह की शिकायत है वैसे कुछ लोगों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन देखने को मिला है.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : कोरोनावायर संक्रमण (Corona) के बीच एक और डराने वाली खबर आ रही है कि कुछ संक्रमितों में म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) नामक खतरनाक बीमारी देखने को मिली है. इसे ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (Black Fungus) भी कहा जा रहा है. वहीं नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि कोविड और म्यूकोरमाइकोसिस में कोई संबंध नहीं है. यह बीमारी सभी कोविड मरीजों में देखने के लिए नहीं मिलती है. उन्होंने कहा कि जिन्हे तेज मधुमेह की शिकायत है वैसे कुछ लोगों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन देखने को मिला है.

उन्होंने कहा कि मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह कोई बड़ा प्रकोप नहीं है और इससे बचा जा सकता है. यह एक ऐसा फंगस होता है जो गीली सतह पर प्रजनन करता है. वैसे कोविड के मरीज जिनको मधुमेह नहीं है, उनको इस फंगस का इंफेक्शन होना बहुत ही असामान्य है. उन्होंने कहा कि हम कुछ खास बातों का ध्यान रखकर इससे आसानी से बच सकते हैं.

डॉ पॉल ने कहा कि कोविड-19 के उपचार के लिए हम जीवन रक्षक स्टेरॉयड और दवाओं का उपयोग कर रहे हैं जो प्रतिरक्षा को कुछ देर के लिए दबाते हैं. इसके अलावा, यदि एक मधुमेह कोविड-19 मरीज ऑक्सीजन के सपोर्ट पर है, तो वह ह्यूमिडिफायर के संपर्क में आता है. इससे फंगल संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि जिन लोगों को कोरोना संक्रमित होने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो रही हो उन्हें यह इंफेक्शन लग ही जाए.

Also Read: ‘जल, नभ और थल…’ सेना ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में संभाला मोर्चा, PM मोदी ने तारीफ में कही यह बात

उन्होंने कहा कि इसे पूरी तरह से काबू किया जा सकता है. हम अपने स्तर पर इस मामले की निगरानी कर रहे हैं. बता दें कि देश के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आयी थीं कि कोरोना संक्रमण के बाद लोग ब्लैक फंगल इंफेक्शन के शिकार हो रहे हैं. इसकी वजह से मरीजों के आंखों की रौशनी चली जा रही है और कुछ की तो जान भी जा चुकी है. डॉ पॉल ने कहा कि डॉक्टरों को पांच उपाय करने चाहिए, जिससे इसको रोका जा सकता है.

क्या हैं वे 5 उपाय

पहला : किसी को भी अपने ब्लड शुगर की नियमित जांच करानी चाहिए और उसपर नियंत्रण रखना चाहिए. चाहे वह कोविड का मरीज हो या नहीं.

दूसरा : कोविड-19 के उपचार में स्टेरॉयड का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए. केवल अनुशंसित खुराक देनी चाहिए और वह भी छठे दिन के बाद.

तीसरा : ह्यूमिडिफायर में साफ पानी का इस्तेमाल हो, अगर कोविड-19 रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर है. ह्यूमिडिफायर हवा में नमी को बनाए रखने का काम करता है.

चौथा : कोविड-19 रोगी की समग्र सफाई बनाए रखी जानी चाहिए. मसलन जहां वह रहता है शौचालय आदि जगहों पर सफाई में कमी नहीं होनी चाहिए.

पांचवां : अगर कोई नया मुंह का अल्सर दिखाई देता है तो इसका तुरंत इलाज करना होगा.

Posted By: Amlesh Nandan

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola