गडकरी बोले- बच्चों को स्कूल में ही ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित यात्रा के बारे में दी जाएगी जानकारी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 02 Aug 2023 10:53 PM

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सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान भी चलाती है. लेकिन अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने फैसला किया है कि बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम में ही ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित यात्रा के बारे में जानकारी दी जा सके.

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केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, देश में हर साल सड़क दुर्घटना में हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ती है.

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सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान भी चलाती है. लेकिन अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने फैसला किया है कि बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम में ही ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित यात्रा के बारे में जानकारी दी जा सके.

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इस बाबत केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स(सियाम) और केंद्रीय विद्यालय संगठन के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. इस समझौते के तहत केंद्रीय विद्यालय के छात्रों को सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता की बाबत पढ़ाया जायेगा.

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इस मौके पर अपनी आगामी सीरीज ‘गन्स एंड गुलाब’ पर अभिनेता राजकुमार राव ने कहा, मुझे लगता है कि उनकी (निर्माता राज और डीके) सोच, वे जो सामग्री बनाते और लिखते हैं वह लीक से हटकर है. यह बहुत अपरंपरागत है. कुछ ऐसा जो मुझे पसंद है. जब मैं कुछ नया और ताजा देखता हूं, तो मुझे बहुत खुशी होती है क्योंकि कोई कुछ ऐसा बनाने की कोशिश कर रहा है जो हमने पहले नहीं देखा है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में हाईवे पर ट्रकों और गाड़ियों को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए एक नयी टेक्नॉलॉजी के बारे में जानकारी दी. दरअसल गडकरी से नॉमिनेटेडट सदस्य गुलाम अली ने एक्सीडेंट को लेकर सवाल पूछा, कश्मीर में सरकार काम तो कर रही है, लेकिन हाईवे पर ट्रक दुर्घटनाएं भी अधिक हो रही हैं.

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एक्सिडेंट क्रैश बैरियर तो होता है, लेकिन ट्रक इतना बड़ा होता है कि टक्कर के बार न तो ट्रक का पता चलता है और न ही ड्राइवर का पता चलता है. इस सवाल पर गडकरी ने कहा, सच है कि पहाड़ी इलाकों में अधिक एक्सिडेंट होते हैं.

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क्रैश बैरियर लोहे के बने होते थे, लेकिन अब नयी तकनीक आ गयी है. उन्होंने आगे बताया, नयी तकनीक में कंक्रीट में प्लास्टिक का एक गोल उपकरण लगा रहता है. इसमें ट्रक के टक्कर मारने पर वह नीचे नहीं गिरता, बल्कि पीछे की तरफ आ जाता है. इससे दुर्घटना को कम किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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