National Highway : छत्तीसगढ़ के रोड होंगे चकाचक, इन क्षेत्रों में बनेंगे 195 करोड़ रुपये की सड़कें
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Aug 2025 7:40 AM
सांकेतिक तस्वीर
National Highway : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में ग्रामीण संपर्क मजबूत करने के लिए सरकार ने 195 करोड़ रुपये मंजूर किए. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में विकास का नया प्रकाश लेकर आएगी.
National Highway : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दुर्गम और वनवासी क्षेत्रों में ग्रामीण संपर्क और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 195 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है. यह मंजूरी सड़क संपर्क परियोजना आरसीपीएलडब्ल्यूईए (रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीम अफेक्टेड एरिया) के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए दी गई है. अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीणों को बेहतर संपर्क सुविधा देना और विकास की गति तेज करना है. इससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी का आभार जताया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के उन सुदूर अंचलों में विकास का नया प्रकाश लेकर आएगी, जो दशकों से नक्सल हिंसा और भौगोलिक दुर्गमता से जूझते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह राशि वहां के लोगों के लिए विकास, विश्वास और स्थायी शांति की सशक्त आधारशिला सिद्ध होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार इस निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ करेगी.’’
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अधिकारियों ने बताया कि यह स्वीकृति वित्त मंत्रालय की ‘जस्ट-इन-टाइम’ फंड रिलीज प्रणाली के अंतर्गत सिंगल नोडल एजेंसी स्पर्श मॉडल के माध्यम से दी गई है. उन्होंने बताया कि कुल 195 करोड़ रुपये में से 190.6125 करोड़ रुपये कार्यक्रम निधि और 4.3875 करोड़ रुपये प्रशासनिक निधि के रूप में स्वीकृत किए गए हैं, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के माध्यम से राज्य को प्राप्त होंगे.
छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र पर फोकस होगा काम
अधिकारियों ने बताया कि यह निधि विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों—दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, बस्तर, राजनांदगांव, बलरामपुर, कोंडागांव और जशपुर—के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन ऑल-वेदर सड़कों, मौजूदा मार्गों के सुदृढ़ीकरण, सेतु निर्माण और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं के विकास के लिए दी गई है.
उन्होंने बताया कि इन संरचनाओं के माध्यम से बस्तियों को ब्लॉक और जिला मुख्यालयों, बाजारों, विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे शासन की पहुंच और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार होगा. विशेषकर बाढ़ग्रस्त और वर्षा ऋतु में अवरुद्ध हो जाने वाले क्षेत्रों में यह संपर्क संरचना जीवनरेखा का कार्य करेगी.
4.3875 करोड़ रुपये की प्रशासनिक निधि का उपयोग कहां होगा?
अधिकारियों ने बताया कि 4.3875 करोड़ रुपये की प्रशासनिक निधि का उपयोग निगरानी और मूल्यांकन, तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और डेटा प्रबंधन के लिए किया जाएगा. उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि निधियों का उपयोग योजना दिशा-निर्देशों के अनुसार त्वरित और प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए. अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ के दुर्गम अंचलों में संपर्क सुविधाओं के विस्तार को बल देगा, बल्कि सामाजिक समरसता, सुशासन, सेवा-सुलभता और स्थायी शांति की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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