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1997 के बाद द्विपक्षीय यात्रा पर मिस्र की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनें नरेंद्र मोदी

Updated at : 23 Jun 2023 9:49 PM (IST)
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1997 के बाद द्विपक्षीय यात्रा पर मिस्र की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनें नरेंद्र मोदी

**EDS: SCREENSHOT VIA PTI VIDEO** Washington: Prime Minister Narendra Modi addresses a joint meeting of Congress, at the Capitol in Washington, Thursday, June 22, 2023. (PTI Photo)(PTI06_23_2023_000105B)

मिस्र की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ‘इंडिया यूनिट’ के साथ भी संवाद करेंगे, जिसका गठन मिस्र के राष्ट्रपति ने भारत यात्रा से लौटने के बाद मार्च में किया था. जानें मिस्र दौरे की खास बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से शुरू होने वाली मिस्र की अपनी पहली यात्रा के दौरान प्रथम विश्व युद्ध में मिस्र और फलस्तीन में जान गंवाने वाले बहादुर भरतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे. प्रधानमंत्री मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में 24 से 25 जून तक मिस्र की राजकीय यात्रा पर काहिरा जाएंगे. पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर यह यात्रा करने वाले हैं. वे 1997 के बाद द्विपक्षीय यात्रा पर मिस्र की यात्रा पर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक जायेंगे और शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे. यह उन करीब 4000 भारतीय सैनिकों के स्मारक के रूप में है, जो प्रथम विश्व युद्ध में मिस्र और फलस्तीन में शहीद हुए. एक स्थानीय नागरिक मरवान ने कहा कि हमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री जल्द ही युद्ध स्मारक आयेंगे. मिस्र के लोग उदार हैं और हम उनका स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल समाधि स्थल उन सैनिकों से संबंधित है, जो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लड़े. हम यहां आगंतुकों और पर्यटकों का हमेशा स्वागत करते हैं और खासतौर पर मिस्र में भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे.

मूल स्मारक पोर्ट ट्वेफिक नष्ट हो गया था 1970 में इजराइल मिस्र संघर्ष के दौरान

सैनिकों से जुड़े युद्ध स्मारक के प्रवेश द्वार पर भारत के बहादुर सैनिकों के सम्मान में एक पवेलियन हेलियोपोलिस पोर्ट ट्वेफिक मेमोरियल है. दुर्भाग्य से मूल स्मारक पोर्ट ट्वेफिक 1970 में इजराइल मिस्र संघर्ष के दौरान नष्ट हो गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले 20 जून को अपने बयान में कहा था कि वह अमेरिका की यात्रा के बाद मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर काहिरा की यात्रा करेंगे. उन्होंने कहा था कि मैं एक करीबी और मित्र देश का पहला राजकीय दौरा करने को लेकर उत्साहित हूं.

उन्होंने कहा था कि मुझे इस वर्ष हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति सीसी का स्वागत कर बहुत खुशी हुई. कुछ महीनों के अंतराल में ये दो यात्राएं मिस्र के साथ तेजी से विकसित हो रही हमारी साझेदारी का प्रतिबिंब हैं, जिसे राष्ट्रपति सीसी की यात्रा के दौरान ‘रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में उन्नत किया गया था.

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प्रधानमंत्री मोदी ‘इंडिया यूनिट’ के साथ भी संवाद करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मैं हमारी सभ्यतागत और बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति सीसी और मिस्र सरकार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं. मुझे मिस्र में ऊर्जावान भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी मिस्र की यात्रा के दौरान अल हकीम मस्जिद जायेंगे, जिसका पुनरुद्धार बोहरा समुदाय के सहयोग से किया गया था. ज्ञात हो कि मिस्र की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ‘इंडिया यूनिट’ के साथ भी संवाद करेंगे, जिसका गठन मिस्र के राष्ट्रपति ने भारत यात्रा से लौटने के बाद मार्च में किया था. इस यूनिट में कई उच्चस्तरीय मंत्री शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अल सीसी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे । इस दौरान कुछ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किये जायेंगे.

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