Nagpur Violence: अफवाह या साजिश, कैसे सुलगा नागपुर? सोशल मीडिया पर पुलिस की कड़ी नजर
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Mar 2025 9:42 PM
Nagpur Violence
Nagpur Violence: महाराष्ट्र में औरंगजेब विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया है. नागपुर में भारी हिंसा के बाद मंगलवार को पुलिस ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया. पुलिस हिंसा के पीछे साजिश को लेकर भी जांच करेगी. बीजेपी ने हिंसा के पीछे साजिश की आशंका व्यक्त की है. इधर नागपुर हिंसा के लिए विपक्ष ने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.
Nagpur Violence: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. नागपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ रविंदर सिंघल ने कहा, “हमने मामला दर्ज कर लिया है और लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं. शांति स्थापित करने के लिए हमारी कार्रवाई जारी है. सोशल मीडिया पर नज़र रखी जा रही है और जो जानकारी मिल रही है, उसे हम आगे बढ़ा रहे हैं. क्या किसी ने इसकी साजिश रची थी और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसकी जांच की जा रही है.” पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए मंगलवार को हिंसा प्रभावित इलाके में फ्लैग मार्च किया.
अफवाह के बाद फैली हिंसा
सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया है. इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए.
घटना में घायल डीसीपी निकेतन कदम ने बताई हिंसा की भयावह कहानी
नागपुर हिंसा में घायल हुए डीसीपी निकेतन कदम ने बताया, “काफी भीड़ जमा हो गई थी. उसके बाद पथराव हुआ और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. हमारे पास बहुत सी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व हथियारों के साथ घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिस तरह से हर तरफ से पथराव हो रहा था, हमारे कुछ अधिकारी भी घायल हुए हैं. 100 लोगों की भीड़ अचानक दूसरी गली से आई, उनके पास हथियार थे, उनके पास पेट्रोल था, उनके पास लाठियां थीं, तो मेरी टीम वहां थी, तो मेरी स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी कि उन्हें वहीं रोक दूं या पीछे धकेल दूं, वरना कुछ भी हो सकता था. तो मैं आगे बढ़ा और उन्हें रोकने की कोशिश की, उनमें से कुछ पीछे हट गए लेकिन उनमें से एक के पास कुल्हाड़ी थी, उसने आगे आकर मुझ पर हमला कर दिया और मेरे हाथ पर गहरी चोट लग गई. लेकिन शुक्र है कि हमारी टीम के किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई. जल्द ही, उनकी (आरोपियों की) पहचान कर ली जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सीएम (देवेंद्र फडणवीस) ने मुझे फोन करके मेरा हालचाल पूछा और इसके साथ ही उन्होंने पूरी नागपुर पुलिस की तारीफ भी की. इससे निश्चित रूप से नागपुर पुलिस का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हम भविष्य में भी इसी तरह हिम्मत से काम करते रहेंगे.”
बीजेपी ने हिंसा के पीछे बताया साजिश
बीजेपी ने हिंसा के पीछे साजिश की आशंका व्यक्त की है. नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि माहौल को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया. बावनकुले ने सभी समुदायों के सदस्यों से सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की और उन्होंने पुलिस आयुक्त तथा जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की.
एकनाथ शिंदे ने हिंसा को बताया पूर्व नियोजित
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि नागपुर में हुई हिंसा सांप्रदायिक अशांति फैलाने के उद्देश्य से की गई एक पूर्व नियोजित घटना थी. शिंदे ने कहा, “करीब 2,000 से 3,000 लोग एकत्र हुए और मोमिनपुरा, चिटनिस नगर और अन्य इलाकों में घरों पर हमला किया. उन्होंने पत्थरबाजी की और हमला किया.”
चादर जलाने वाले आरोप को विहिप ने किया खारिज
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को कहा कि वह मुगल बादशाह औरंगजेब के महिमामंडन के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी. विहिप के विदर्भ प्रांत के मंत्री देवेश मिश्रा ने कहा कि प्रशासन को सोमवार को नागपुर में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. मिश्रा ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि नागपुर में विहिप और बजरंग दल के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक पंक्तियां लिखी हुई चादर जलाई गई, जिससे हिंसा भड़की.
अंबादास दानवे ने नागपुर हिंसा के लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को ठहराया जिम्मेदार
महाराष्ट्र विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने नागपुर में हुई हिंसा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ बीजेपी राज्य में सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश कर रही है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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