30 अक्टूबर 2007 को जब मनमोहन सिंह के पास बैट लेकर पहुंचे एमएस धोनी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 27 Dec 2024 4:01 PM
महेंद्र सिंह धोनी (बाएं) मनमोहन सिंह (दाएं)
Manmohan Singh : 30 अक्टूबर 2007 को मनमोहन सिंह से मिलने क्रिकेटर एमएस धौनी पहुंचे थे. इसकी तस्वीर सामने आई है.
Manmohan Singh : पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हो गया. वे 92 साल के थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंह का क्रिकेट से भी प्रेम था. एक समय खुद रांची के राजकुमार और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी उनसे मिलने पहुंचे थे. इसकी तस्वीर हिस्ट्री ऑफ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया है. इस तस्वीर में धोनी पूर्व पीएम को क्रिकेट बैट देते नजर आ रहे हैं. इस दौरान सिंह के चेहरे पर मुस्कान नजर आ रही है.
इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा गया है- भारतीय वनडे कप्तान एमएस धोनी (बाएं) 30 अक्टूबर 2007 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया बल्ला भेंट करते हुए. तस्वीर में बल्ले में कुछ काले शब्दों में उकेरा हुआ नजर आ रहा है.
धोनी की अगुआई में भारत ने 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था. युवा क्रिकेट टीम ने दृढ़ता का परिचय दिया था और फाइनल में पाकिस्तान पर रोमांचक जीत दर्ज की थी.
मनमोहन सिंह के पांच दशक के करियर पर एक नजर
आर्थिक सुधारों के जनक और 10 साल तक देश की कमान संभालने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद एक नजर डालते हैं नौकरशाही और राजनीति में उनके पांच दशक के करियर की एक झलक पर…
1954: पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री उपाधि प्राप्त की.
1957: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से इकॉनमिक्स ट्रिपोस (तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम).
1962: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी.फिल.
1971: वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में भारत सरकार में शामिल किए गए.
1972: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किए गए.
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1980-82: योजना आयोग के सदस्य रहे.
1982-1985: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे.
1985-87: योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया.
1987-90: जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव रहे.
1990: आर्थिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार नियुक्त किए गए.
1991: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष नियुक्त किए गए.
1991: असम से राज्यसभा के लिए चुने गए. 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर से वे चुने गए.
1991-96: पी वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री के पद पर रहे.
1998-2004: राज्यसभा में विपक्ष के नेता नियुक्त किए गए.
2004-2014: भारत के प्रधानमंत्री 10 साल तक रहे.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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