Monsoon: अगस्त-सितंबर में अच्छी बारिश होने की संभावना, आईएमडी ने दिया बड़ा अपडेट
देश में अब तक मानसून सीजन में सामान्य बारिश (445.8 मिमी) की तुलना में 467 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पांच प्रतिशत से अधिक है. महापात्रा ने कहा कि अल नीनो से अब तक मानसूनी बारिश पर कोई असर नहीं पड़ा है.

देश के कई हिस्सों में जुलाई महीने में भारी से भी अधिक भारी बारिश हुई. जिस कारण पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत देश के कई राज्य भीषण बाढ़ की चपेट में आ गये. हालांकि झारखंड सहित कई राज्यों में बारिश अच्छी नहीं हुई है. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो महीने अच्छी बारिश होने का अनुमान लगाया है.

आईएमडी ने सोमवार को कहा कि जुलाई में मूसलाधार बारिश के बाद देश में मानसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त एवं सितम्बर) के दौरान सामान्य बारिश होने का अनुमान है.

विभाग ने कहा कि पूर्वी मध्य भारत, पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों तथा हिमालय के अधिकांश उपसंभागों में सामान्य और इससे थोड़ी अधिक बारिश होने का अनुमान है.

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है.

मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि एक ओर जहां भारत में जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 1901 के बाद से इस महीने में तीसरी सबसे कम बारिश दर्ज हुई.

महापात्रा ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 2001 के बाद से जुलाई में सबसे अधिक (258.6 मिलीमीटर) वर्षा दर्ज की गई. आईएमडी प्रमुख ने कहा कि भारत में मानसूनी बारिश में उतार-चढ़ाव देखा गया है और जून में नौ फीसदी कम, जबकि जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश हुई है.

देश में अब तक मानसून सीजन में सामान्य बारिश (445.8 मिमी) की तुलना में 467 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पांच प्रतिशत से अधिक है. महापात्रा ने कहा कि अल नीनो से अब तक मानसूनी बारिश पर कोई असर नहीं पड़ा है. अल नीनो आमतौर पर भारत में मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और शुष्क मौसम से जुड़ा है.

आईएमडी ने बताया, भारत में जुलाई में 315.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा है. पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों को छोड़कर सभी क्षेत्रों में अधिक वर्षा दर्ज की गई है. वहीं भारत में जुलाई में 1,113 बार भारी बारिश, 205 बार अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है.
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By ArbindKumar Mishra
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