मनरेगा के स्थान पर नया कानून लाने की योजना पर विपक्ष आगबबूला, बताया – राष्ट्रपिता का अपमान

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priyanka gandhi on MGNREGA scheme

मनरेगा योजना पर प्रियंका गांधी, फोटो PTI

MGNREGA Scheme Name Change: MGNREGA स्कीम का नाम बदलने के लिए सरकार की बिल लाने की योजना पर कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने नाराजगी जाहिर की है. विपक्ष ने कहा कि आखिर मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है. उसने यह आरोप भी लगाया कि सरकार का कदम महात्मा गांधी का अपमान है.

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MGNREGA Scheme Name Change: सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने और इस संबंध में एक नया कानून बनाने के लिए लोकसभा में विधेयक लेकर आ सकती है. नए विधेयक का नाम विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) ( VG G Ram G) विधेयक, 2025 होगा.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- आखिर क्या करना चाहती है सरकार?

सरकार के कदम के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में मीडिया से कहा, जब भी किसी योजना का नाम बदला जाता है, तो कार्यालयों, स्टेशनरी में बहुत सारे बदलाव करने पड़ते हैं. जिसके लिए पैसा खर्च किया जाता है. तो, क्या फायदा है? ऐसा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा, महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है. महात्मा गांधी न केवल देश में, बल्कि दुनिया में सबसे बड़े नेता माने जाते हैं, इसलिए उनका नाम हटाना, मुझे वास्तव में समझ में नहीं आता कि उद्देश्य क्या है. सरकार का इरादा क्या है?

अखिलेश यादव ने कहा- नाम बदलने की BJP की संस्कृति बहुत पुरानी

SP प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, नाम बदलने की BJP की संस्कृति बहुत पुरानी है. इस डबल-इंजन सरकार में, दिल्ली वाला इंजन उत्तर प्रदेश वाले इंजन से सीख रहा है. यह डबल-इंजन सरकार दूसरों के काम को अपना बता रही है. उनके पास दिखाने के लिए कोई नया काम नहीं है.

डेरेक ओब्रायन ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया

तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने सरकार के इस कदम को महात्मा गांधी का अपमान बताया. उन्होंने कहा, लेकिन फिर, क्या आप आश्चर्यचकित हैं. ये वही लोग हैं, जो महात्मा गांधी की हत्या करने वाले व्यक्ति का नायक की तरह सम्मान करते हैं. वे महात्मा गांधी का अपमान करना चाहते हैं और उन्हें इतिहास से हटाना चाहते हैं.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने इसे इस तथ्य को छिपाने का प्रयास बताया और कहा कि योजना को खत्म किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया, मनरेगा के संपूर्ण सुधार पर केंद्र सरकार की यह मनमानी इस चौंकाने वाले तथ्य को छिपाने का एक प्रयास है कि जिस ढांचे के तहत यह योजना संचालित होती थी, उसे खत्म किया जा रहा है और केंद्रीय हिस्सेदारी में भारी कमी की गई है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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