जानिए कौन हैं नंदन नीलेकणि? जिन्हें पीएम मोदी ने सौंपी हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की कमान

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पीएम मोदी और नंदन नीलेकणि, फोटो एक्स

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भारत में डिजिटल क्रांति, आईटी उद्योग या आधार कार्ड की बात होती है, तो नंदन नीलेकणि का नाम सबसे आगे आता है. नंदन नीलेकणि फेमस उद्योगपति, विचारक और 'भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण' (UIDAI) के पूर्व अध्यक्ष हैं.

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नंदन नीलेकणि ने 1981 में एनआर नारायण मूर्ति और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इन्फोसिस (Infosys) कंपनी की नींव रखी थी. इस कंपनी ने भारत को दुनिया भर में 'आईटी हब' के रूप में पहचान दिलाई. नीलेकणि 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के सीईओ रहे और 2009 में उन्होंने यह पद छोड़ दिया.

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आधार और डिजिटल पेमेंट की क्रांति

साल 2009 में डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने नीलेकणि को 'आधार' (Aadhaar) परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी. उनके कुशल नेतृत्व में ही देश के 130 करोड़ से अधिक लोगों को 12 अंकों की डिजिटल पहचान मिली. इसके अलावा, भारत में आज घर-घर इस्तेमाल होने वाले UPI और FASTag जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम को विकसित करने और बढ़ावा देने में भी उनकी बेहद अहम भूमिका रही है.


पद्म भूषण से सम्मानित

देश और समाज के विकास में तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए भारत सरकार ने साल 2006 में उन्हें 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया था.


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