Mann Ki Baat : आपातकाल थोपने वाले हार गए, बोले पीएम मोदी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 29 Jun 2025 11:15 AM

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Mann Ki Baat

Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 123वां एपिसोड रविवार को प्रसारित हुआ. पीएम मोदी ने इस बार की थीम का उल्लेख किया और इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर उसे लोकतंत्र की हत्या बताया, जिसमें जनता को अत्याचार झेलना पड़ा.

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Mann Ki Baat : मन की बात के 123वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लंबे समय के बाद कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रा शुरू हो गई है. अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी. इन तीर्थयात्राओं पर जाने वाले लोगों को मेरी शुभकामनाएं.” इमरजेंसी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए वो कैसा दौर होगा. जनता के आगे आपातकाल थोपने वाले हार गए. आपातकाल में संविधान की हत्या हुई.

पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल लगाने वालों ने न केवल हमारे संविधान की हत्या की, बल्कि न्यायपालिका को भी अपना गुलाम बनाए रखने की मंशा थी. इस दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को प्रताड़ित किया गया. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी गला घोंटा गया. उस दौरान गिरफ्तार किए गए हजारों लोगों पर अमानवीय अत्याचार किए गए.

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को हमेशा याद किया जाना चाहिए: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल के दौरान लोगों पर अत्याचार को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने के लिए रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में आपातकाल का विरोध करने वाले प्रमुख नेताओं की टिप्पणियां सुनाईं. उन्होंने कहा कि इन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए क्योंकि ये लोगों को संविधान को मजबूत रखने के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है.

मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पार्टी का नाम लिए बिना आपातकाल के दौर की ज्यादतियों के लिए कांग्रेस की निंदा की. आपातकाल को लेकर केंद्र में बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार के तहत अघोषित आपातकाल कायम है. मोदी ने कहा कि 1975 से 1977 के बीच 21 महीने की अवधि के लिए आपातकाल के दौरान लोगों को बड़े पैमाने पर प्रताड़ित किया गया था. उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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