Mann Ki Baat : आपातकाल थोपने वाले हार गए, बोले पीएम मोदी

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Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 123वां एपिसोड रविवार को प्रसारित हुआ. पीएम मोदी ने इस बार की थीम का उल्लेख किया और इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर उसे लोकतंत्र की हत्या बताया, जिसमें जनता को अत्याचार झेलना पड़ा.

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Mann Ki Baat : मन की बात के 123वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लंबे समय के बाद कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रा शुरू हो गई है. अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी. इन तीर्थयात्राओं पर जाने वाले लोगों को मेरी शुभकामनाएं.” इमरजेंसी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए वो कैसा दौर होगा. जनता के आगे आपातकाल थोपने वाले हार गए. आपातकाल में संविधान की हत्या हुई.

पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल लगाने वालों ने न केवल हमारे संविधान की हत्या की, बल्कि न्यायपालिका को भी अपना गुलाम बनाए रखने की मंशा थी. इस दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को प्रताड़ित किया गया. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी गला घोंटा गया. उस दौरान गिरफ्तार किए गए हजारों लोगों पर अमानवीय अत्याचार किए गए.

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को हमेशा याद किया जाना चाहिए: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल के दौरान लोगों पर अत्याचार को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने के लिए रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में आपातकाल का विरोध करने वाले प्रमुख नेताओं की टिप्पणियां सुनाईं. उन्होंने कहा कि इन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए क्योंकि ये लोगों को संविधान को मजबूत रखने के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है.

मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पार्टी का नाम लिए बिना आपातकाल के दौर की ज्यादतियों के लिए कांग्रेस की निंदा की. आपातकाल को लेकर केंद्र में बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार के तहत अघोषित आपातकाल कायम है. मोदी ने कहा कि 1975 से 1977 के बीच 21 महीने की अवधि के लिए आपातकाल के दौरान लोगों को बड़े पैमाने पर प्रताड़ित किया गया था. उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता.

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अमिताभ कुमार

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By अमिताभ कुमार

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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