Manmohan Singh: 33 साल बिना चुनाव लड़े सांसद रहे थे मनमोहन सिंह, माने जाते थे आर्थिक सुधारों के सूत्रधार

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Dec 2024 5:06 PM

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Manmohan Singh

Manmohan Singh: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने 33 साल के सियासी करियर में सिर्फ एक बार आम चुनाव लड़ा था. 33 सालों तक राज्यसभा के सदस्य के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं. वो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठतम और सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे.

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Manmohan Singh: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया. बीते काफी समय से वो बीमार चल रहे थे. गुरुवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें दिल्ली स्थित एम्स के आपातकाल सेवा में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के काफी प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका. पूर्व पीएम उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थे. मनमोहन सिंह भारत के दो बार प्रधानमंत्री रहे थे. मनमोहन सिंह 33 सालों तक राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं. वो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठतम और सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे. 2004 से 2014 तक वह यूपीए सरकार में देश के प्रधानमंत्री रहे. मनमोहन सिंह एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और नौकरशाह भी थे. इसके अलावा, 1991 से 1996 तक उन्होंने नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया था.

आर्थिक सुधारों के सूत्रधार माने जाते थे मनमोहन सिंह

मनमोहन सिंह आर्थिक सुधारों के सूत्रधार माने जाने वाले 92 वर्षीय मनमोहन सिंह 1991 से 2024 तक राज्यसभा के सदस्य रहे. मनमोहन सिंह 1991 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद 1995, 2001, 2007 और 2013 में वह फिर चुने गये. 1998 से 2004 तक केंद्र में भाजपा की सरकार थी, तब मनमोहन सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव में भी किस्मत आजमाई थी. हालांकि वह जीतने में सफल नहीं रहे थे. 1999 में कांग्रेस ने उन्हें दक्षिणी दिल्ली से प्रत्याशी बनाया था. भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा के हाथों उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी. उस चुनाव में विजय कुमार मल्होत्रा को 2 लाख 61 हजार 230 वोट मिले थे तो मनमोहन सिंह को 2 लाख 31 हजार 231 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर निर्दलीय मोहम्मद शरीफ थे.1971 में वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार बने.

कई बड़े पदों पर रह चुके थे मनमोहन सिंह

1971 में मनमोहन सिंह भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में शामिल हुए. इसके तुरंत बाद 1972 में वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्ति हुई. डॉ मनमोहन सिंह कई सरकारी पदों पर रहे. इनमें वित्त मंत्रालय में सचिव भी शामिल है. वह योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर भी रहे. यही नहीं वह प्रधानमंत्री के सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे. डॉ मनमोहन सिंह ने 1991 से 1996 के बीच भारत के वित्त मंत्री के रूप में पांच साल बिताये. आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति शुरू करने में उनकी भूमिका को दुनिया आज भी सलाम करती है.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेताओं तथा अन्य हस्तियों ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित की. तिरंगे में लिपटे पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर फूलों से सजे ताबूत में रखा गया है. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा.कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह पार्टी मुख्यालय में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और फिर वहीं से सुबह साढ़े नौ बजे उनकी अंतिम यात्रा भी शुरू होगी.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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