'ऑपरेशन टाइगर' पर कांग्रेस का रिएक्शन, बोले प्रियांक खरगे- बीजेपी क्षेत्रीय दलों को करना चाहती है खत्म
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे (Photo: ANI)
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) में टूट की खबर पर कांग्रेस का रिएक्शन सामने आया है. बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि क्षेत्रीय दल बीजेपी के निशाने पर हैं.
बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने महाराष्ट्र में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर रिएक्शन दिया है. उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी पहले किसी क्षेत्रीय दल के साथ गठबंधन करती है और फिर धीरे-धीरे उसी पार्टी को कमजोर कर अपने भीतर समेट लेती है. खरगे ने दावा किया कि ऐसा पहले शिवसेना, जेडीयू और हाल में टीएमसी के साथ देखने को मिला है, जबकि कर्नाटक में जेडी(एस) के साथ भी यही हो रहा है.
खरगे ने आरोप लगाया कि बीजेपी क्षेत्रीय दलों को खत्म करना चाहती है और इसके लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करती है. उन्होंने कहा कि सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल दबाव बनाने और राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए किया जाता है. उनके मुताबिक, बीजेपी का मकसद देश में क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक ताकत को खत्म करना है.
#WATCH | Bengaluru: On 'Operation Tiger' in Maharashtra, Karnataka Minister Priyank Kharge says, "It is very evident that the BJP is evolving a system where they first latch on like a parasite to one of the regional parties. You have seen that happening in Shiv Sena, in TMC… pic.twitter.com/Xg76Mglg4L
— ANI (@ANI) June 22, 2026
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महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की संभावना जताई जा रही है. शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. ऐसा होने पर शिंदे गुट को दो-तिहाई बहुमत मिल जाएगा, जिससे दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता का खतरा काफी हद तक खत्म हो जाएगा.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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