लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं? पीएम मोदी सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ मिलकर लेंगे फैसला
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 10 May 2020 5:29 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार 11 मई 2020 को दोपहर बाद तीन बजे विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है. कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पांचवीं बैठक होगी. बैठक में लॉकडाउन पर चर्चा हो सकती है. भारत में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई 2020 तक है. तीसरे चरण में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की विवेक पर कई मामलों में छूट देने का फैसला छोड़ दिया था.
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार 11 मई 2020 को दोपहर बाद तीन बजे विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है. कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पांचवीं बैठक होगी. बैठक में लॉकडाउन पर चर्चा हो सकती है. भारत में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई 2020 तक है. तीसरे चरण में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की विवेक पर कई मामलों में छूट देने का फैसला छोड़ दिया था. देश और दुनिया से जुड़ी हर Hindi News से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
Also Read: कैबिनेट सचिव राजीव गौबा बोले- सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश करें रेलवे का सहयोग
गौरतलब है कि कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने रविवार 10 मई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन के नियमों को आसान बनाने और आर्थिंक गतिविधियों को फिर से शुरू करने पर चर्चा की. कैबिनेट सचिव ने बताया कि 350 से भी ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाये गये, जिससे साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों को उनके गृहनगर तक पहुंचाया गया.
उन्होंने वंदे भारत मिशन का जिक्र कर राज्यों से सहयोग मांगा. साथ ही उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश से आग्रह किया कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने में रेलवे की मदद करें. आपको बता दें कि कई राज्य अब भी लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं. राज्यों की दलील है कि मजदूरों और अन्य लोगों की घर वापसी हो रही है. ऐसे में पूरी तरह से लॉकडाउन हटा देना खतरनाक साबित हो सकता है. कुछ राज्यों ने अपने यहां 31 मई तक लॉकडाउन की घोषणा भी कर दी है.
बता दें कि देशभर में कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हजार के करीब पहुंच चुकी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह तक इस महामारी से 2109 लोगों की मौत भी हो चुकी है. इधर रेल मंत्री ने कहा है कि सभी राज्यों से आग्रह है कि वे फंसे हुए प्रवासियों को निकालने की अनुमति दें ताकि हम उन्हें अगले तीन-चार दिनों में उनके घरों तक वापस पहुंचा सकें.
Also Read: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की स्थिति गंभीर, कोमा में गए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ समीक्षा बैठक करेंगी, जिसमें कर्ज के उठाव की स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जायेगी. यह बैठक कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के प्रयासों का हिस्सा है. सूत्रों ने कहा कि यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. इसमें कर्ज लेने वालों तक ब्याज दर में कमी का फायदा पहुंचाने तथा कर्ज की किस्तों के भुगतान के लिए बैंकों की ओर से मोहलत देने की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की जायेगी.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 27 मार्च को अपनी नीतिगत ब्याज दर (रेपो दर) में 0.75 प्रतिशत की बड़ी कटौती की थी. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने बैंकों से लॉकडाउन से प्रभावित कर्जदारों किस्त चुकाने में तीन महीने तक किस्तों के भुगतान में राहत देने की भी घोषणा की थी. इस महीने की शुरुआत में, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की थी. उन्होंने बैठक में आर्थिक स्थिति का जायजा लिया था तथा केंद्रीय बैंक द्वारा घोषित विभिन्न मोहलत देने जैसे सहायता के उपायों के कार्यान्वयन की समीक्षा की थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










