Ladli Behna Yojana : 'लाडकी बहिन' योजना क्या बंद हो जाएगी? इस सवाल का जवाब अजित पवार ने दिया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Apr 2025 11:21 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि 'लाडकी बहिन' योजना जारी रहेगी. इसे खत्म करने का सवाल ही नहीं उठता है.

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Ladli Behna Yojana : ‘लाडकी बहिन’ योजना को लेकर महिलाओं के मन में कई सवाल उठ रहे थे. इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने योजना को लेकर रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सरकार की ‘लाडकी बहिन’ योजना जारी रहेगी. इसे खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं है. महाराष्ट्र सरकार की इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं, जो उनके बैक के अकाउंट में सरकार ट्रांसफर करती है.

मंगलवार रात मीडिया से बातचीत के दौरान पवार ने कहा, “योजना के कार्यान्वयन के लिए बजटीय आवंटन किया जा चुका है. इसे खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं है.” माना जाता है कि पिछले साल राज्य के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति की जीत में ‘लाडकी बहिन’ योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. महायुति में बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल है.

किन महिलाओं के खाते में आएंगे केवल 500 रुपये?

इससे पहले महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने मंगलवार को कहा था कि योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अन्य योजना के तहत पहले से ही 1,000 रुपये प्राप्त कर रही 7.74 लाख महिलाओं को 500 रुपये दिए जा रहे है.” वह मीडिया में आई उन खबरों का जवाब दे रही थीं, जिनमें कहा गया था कि ‘लाडकी बहिन’ योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद उन 7,74,148 महिलाओं के लिए कम कर दी गई है, जो पहले से किसी और सरकारी योजना का लाभ ले रही थीं.

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अक्तूबर 2023 में मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के 2.63 करोड़ आवेदक थे, जो स्क्रूटनी के बाद फरवरी में घटकर 2.52 करोड़ रह गए. फरवरी और मार्च में यह लाभ 2.46 करोड़ लोगों तक पहुंचा. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनुमान जताया था कि स्क्रूटनी के बाद 10–15 लाख लाभार्थी कम हो सकते हैं. यह प्रक्रिया अभी भी जारी है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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