Kota kidnap case: प्रेमी के साथ मिलकर काव्या ने रची खुद के अपहरण की साजिश, दोनों बसना चाहते थे किसी दूसरे देश में

Edited by Amitabh Kumar
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सांकेतिक फोटो

Kota kidnap case: अपने प्रेमी के साथ मिलकर काव्या ने अपने अपहरण की साजिश रची थी. पुलिस ने मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

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Kota kidnap case: राजस्थान के कोटा के एक अपहरण की खबर पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एनईईटी की छात्रा काव्या धाकड़ के अपहरण की खबर आई जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई. काव्या कोटा में पढ़ाई कर रही थी और 17 मार्च से लापता थी. उसके फोन की आखिरी लोकेशन गुरुग्राम में ट्रेस की गई थी. पुलिस जब मामले की तह तक पहुंची तो पूरा मामला ही पलट गया. इसके बाद जो बात सामने आई उससे सब चौंक गये.

मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि 21 साल की काव्या ने विदेश यात्रा का प्लान बनाया था जिसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी. इस वजह से उसने 30 लाख रुपये जुटाने के लिए पूरी योजना तैयार की और अपने अपहरण का झूठा नाटक किया. बताया जा रहा है कि काव्या को उसकी मां एक होस्टल में रहने तथा कोचिंग क्लास करने के लिए यहां खुद छोड़कर गई थी.

क्या था दोनों का प्लान

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की है. रिपोर्ट के अनुसार, अपहरण की जांच में जुटी टीम को पता चला है कि लड़की और उसके प्रेमी ने मिलकर 30 लाख रुपये जमा करने के उद्देश्य से पूरा प्लान तैयार किया. दोनों किसी दूसरे देश में जाकर बसना चाहते थे.

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अपहरण की बात सुनकर टेंशन में परिवार

मामले को लेकर कोटा पुलिस ने जो जानकारी दी उसके अनुसार, काव्या अपने माता-पिता को तस्वीरें और मैसेज भेज रही थी. ऐसा वह इसलिए कर रही थी ताकि परिवार को विश्वास हो जाए कि उसका अपहरण किया गया है. काव्या के माता-पिता मध्यप्रदेश के शिवपुरी के रहने वाले हैं. परिवार से जब 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और हाथ-पैर बंधे बेटी की तस्वीर भेजी गई, तो वे चौंक गये. इसके बाद परिवार की ओर से कोटा पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गई. शिकायत में कहा गया कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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