Kisan March: आज दिल्ली मार्च करेंगे किसान, संसद घेराव की तैयारी, जानें क्या है मांग

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 01 Dec 2024 6:33 PM

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Kisan March

Kisan March: किसान एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. 2 दिसंबर को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे.

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Kisan March: किसान संगठन एक बार फिर से दिल्ली कूच करने वाले हैं. सोमवार को 10 किसान संगठनों ने दिल्ली में संसद घेराव करने का फैसला किया है. किसान यमुना प्राधिकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली कूच किसानों के आंदोलन का तीसरा और आखिरी चरण है. इससे पहले ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण पर आंदोलन किया गया था.

महा माया फ्लाईओवर के नीचे से मार्च शुरू करेंगे किसान

किसान नेता सुखबीर खलीफा ने बताया, हम दिल्ली की ओर अपने मार्च के लिए तैयार हैं. 2 दिसंबर को, हम महा माया फ्लाईओवर के नीचे से दिल्ली की ओर अपना मार्च शुरू करेंगे. दोपहर 12 बजे हम सभी वहां पहुंचेंगे और नए कानूनों के अनुसार अपने मुआवजे और लाभ की मांग करेंगे.

हरियाणा के कृषि मंत्री श्यान सिंह राणा ने कहा, किसानों के पास कोई मुद्दा नहीं

किसानों के आज दिल्ली कूच पर हरियाणा के कृषि मंत्री श्यान सिंह राणा ने कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. पिछले किसान आंदोलन में एक मुद्दा था- तीन कृषि कानून. उन तीन कानूनों को बाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने निरस्त कर दिया और उन्होंने उनसे माफी भी मांगी. किसान आंदोलन से पंजाब को नुकसान हुआ है. पंजाब से चावल मिल उद्योग बिहार और एमपी चले गए. हम किसी को भी हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ नहीं करने देंगे. उन्हें अपने मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और अपनी समस्याओं का समाधान करना चाहिए”.

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क्या है किसानों की मांग

किसान पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत प्लॉट और बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्वास की मांग.
आबादी क्षेत्र का उचित निस्तारण किए जाने की मांग

10 किसान संगठनों ने आंदोलन की दी है चेतावनी

10 किसान संगठनों ने दिल्ली कूच की तैयारी की है. किसानों ने साफ कर दिया है कि इसबार आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. या तो प्राधिकरण को हमारी मांग माननी होगी या फिर किसान लंबा आंदोलन के लिए मजबूर हो ताएंगे.

हजारों किसान कर रहे मुआवजे की मांग

यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण से करीब 30 हजार किसान प्रभावित हुए हैं. किसानों को 10 साल से मुआवजे का इंतजार है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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