Kisan Andolan: किसान संगठनों ने कहा- सरकार की नीयत में खोट, क्या 8 जनवरी की बैठक में बनेगी बात ?

New Delhi: Farmers during their sit-in protest against the Centre's farm reform laws, near Ghazipur border in New Delhi, Saturday, Dec. 12, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI12-12-2020_000182B)
Kisan Andolan: केंद्र और किसानों के बीच बीते दिन सोमवार को विज्ञान भवन में हुई 8वें दौर की बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रही. इसके बाद किसान नेताओं ने बताया कि अगली बैठक 8 जनवरी को होगी. ऐसे में सवाल है कि क्या 8 जनवरी की बैठक में कोई नतीजा निकलेगा.
Kisan Andolan: केंद्र और किसानों के बीच बीते दिन सोमवार को विज्ञान भवन में हुई 8वें दौर की बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रही. इसके बाद किसान नेताओं ने बताया कि अगली बैठक 8 जनवरी को होगी. ऐसे में सवाल है कि क्या 8 जनवरी की बैठक में कोई नतीजा निकलेगा. वहीं, अपने आंदोलन को लेकर किसान संगठन आज बैठक करेंगे. किसानों का कहना है कि वो कृषि कानून निरस्त करने की मांग कर रहे हैं.
सरकार से हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. पंजाब के किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा है कि सरकार की नीयत में खोट है. 8 जनवरी को 8वें दौर की बात होगी. बातचीत में कुछ निकलता दिखाई नहीं दे रहा. सरकार एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि कानून फायदेमंद हैं. PM खुद बैठक कर कानूनों को निरस्त करने की बात करें
सरकार की नीयत में खोट है। 8 जनवरी को 8वें दौर की बात होगी। बातचीत में कुछ निकलता दिखाई नहीं दे रहा। सरकार एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कानून फायदेमंद हैं। PM खुद बैठक कर कानूनों को निरस्त करने की बात करें:सुखविंदर सिंह सभरा,किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब pic.twitter.com/7wUgZ4JBAo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 5, 2021
बेनतीजा रही बैठक: इससे पहले किसान संगठनों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच सोमवार को बैठक हुई. करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में किसान संगठन प्रारंभ से ही तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हुए थे जबकि सरकार की ओर से शामिल मंत्रियों ने कानूनों के फायदे गिनाये. ऐसे में सिर्फ एक घंटे की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने भोजनावकाश लिया.
मीटिंग के दौरान लंच में सरकार ने किसानों के लिए खाने की व्यवस्था की थी. लेकिन, किसानों ने सरकार का खाना खाने से इनकार कर दिया. उन्होंने अपने लंगर का खाना ही खाया. इस दौरान तीनों केंद्रीय मंत्रियों ने आगे का रास्ता निकालने के लिये चर्चा की.
कानून की वापसी नहीं, तो घर वापसी भी नहीं- राकेश टिकैतः बैठक के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर केंद्र ने कानून वापस नहीं लिया, तो वे लोग घर वापसी नहीं जायेंगे. कहा कि आठ जनवरी को भी एमएसपी और कानूनों की वापसी ही मुख्य मुद्दा रहेगा.
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सरकार पूरे देश को ध्यान में रख करेगी फैसला- तोमर : मीटिंग के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर चर्चा के कई दौर चलते हैं, सरकार पूरे देश को ध्यान में रखकर ही फैसला करेगी. कानून और एमएसपी ही मुख्य मुद्दे हैं.
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Posted by: Pritish Sahay
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