रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव 17 साल पुराने मामले में बरी, घर के दरवाजे पर मिली थी नोटों की गड्डी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 29 Mar 2025 8:37 PM

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Justice Nirmal Yadav

Justice Nirmal Yadav: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव को 17 साल पुराने केस में बड़ी राहत मिली है. उन्हें और चार अन्य को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने बरी कर दिया है.

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Justice Nirmal Yadav: रिटायर्ड जस्टिस निर्मल यादव को 17 साल पुराने केस में सीबीआई की कोर्ट से बड़ी राहत मिली. उन्हें और चार अन्य को कोर्ट ने बरी कर दिया. 13 अगस्त 2008 को हाई कोर्ट की एक अन्य कार्यरत जस्टिस न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर के आवास पर कथित रूप से 15 लाख रुपये से भरा एक पैकेट गलत तरीके से पहुंचा दिया गया था. आरोप लगाया गया था कि यह नकदी जस्टिस निर्मल यादव को एक संपत्ति सौदे को प्रभावित करने के लिए रिश्वत के रूप में दी जानी थी. विशेष सीबीआई जस्टिस अलका मलिक के कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया.

मामले में 5 आरोपी थे, जिसमें एक की पहले ही हो चुकी है मौत

बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने बताया, “कोर्ट ने पूर्व जस्टिस निर्मल यादव और चार अन्य को बरी कर दिया है. मामले में कुल पांच आरोपी थे, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. वकील ने कहा, जस्टिस निर्मल यादव को बरी कर दिया गया है. उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे.” इस मामले में हरियाणा के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता संजीव बंसल, दिल्ली के होटल व्यवसायी रविंदर सिंह, व्यवसायी राजीव गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया था. आरोपियों में से एक संजीव बंसल की फरवरी 2017 में बीमारी से मौत हो गई थी.

नोटों की अधजली बारियां मिलने के मामले में फंस गए हैं जस्टिस यशवंत वर्मा

यह फैसला 14 मार्च को आग लगने की घटना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित आवास में नोटों से भरी चार से पांच अधजली बोरियां मिलने को लेकर उठे विवाद के बीच आया है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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