Jharkhand News : 'झारखंड में लगे राष्ट्रपति शासन', लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की मांग

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 29 Jul 2024 2:03 PM

विज्ञापन

Jharkhand News : लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की है कि झारखंड राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए. जानें उन्होंने और क्या कहा

विज्ञापन

Jharkhand News : लोकसभा में सोमवार को विपक्ष का हंगामा जारी रहा. इस बीच बीजेपी के एक सांसद ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि गत 27 जुलाई को झारखंड के पाकुड़ में कुछ आदिवासी छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन करना चाह रहे थे लेकिन राज्य पुलिस ने छात्रावासों में छात्रों को ‘बर्बरतापूर्ण’ तरीके से पीटा. उन्होंने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के बाद दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि 11 अन्य छात्र विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं. घायलों की हालत भी बहुत गंभीर बनी हुई है.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने घटना का संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बांग्लादेशियों को बसाने के लिए आदिवासियों को बर्बाद कर रही है. झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.

घुसपैठियों का मुद्दा निशिकांत दुबे उठा चुके हैं निशिकांत दुबे

इससे पहले लोकसभा में पिछले गुरुवार को संताल परगना की बदल रही डेमोग्राफी, आदिवासियों की घटती जनसंख्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उठाया था. शून्यकाल के दौरान झारखंड के गोड्डा से सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा था कि साल 2000 में झारखंड गठन के वक्त संताल परगना में आदिवासियों की आबादी 36 फीसदी थी. वर्तमान में इनकी आबादी 26 प्रतिशत रह गयी है. 10 प्रतिशत आदिवासी कहां गायब हो गये. सदन कभी इसकी चिंता नहीं करता. इस दिशा में झारखंड सरकार खमोश बठी है और कोई कार्रवाई नहीं करती.

Read Also : रांची में मुस्लिम समाज ने की बैठक, निशिकांत दुबे के संसद में दिए बयान को बताया विभाजनकारी

आगे निशिकांत दुबे ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिये संताल परगना में आकरआदिवासी महिलाओं से शादी कर रहे हैं. यही नहीं, संताल परगना के साथ -साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ कर रहे हैं. इस वजह से मुस्लिम आबादी बढ़ रही है. इन इलाकों में हिंदुओं के गांव खाली होते जा रहे हैं. सांसद ने सदन में संताल परगना सहित बिहार के अररिया, किशनगंज, कटिहार और पश्चिम बंगाल के मालदा व मुर्शिदाबाद जिलों को मिला कर सरकार से अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग लोकसभा में की.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola