Jayalalithaa Death Case: जयललिता की मौत के पीछे करीबी दोस्त शशिकला का हाथ, जांच रिपोर्ट में दावा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Oct 2022 4:18 PM
2016 में जयललिता की मौत के बाद काफी विवाद हुआ था. जिसके बाद जिम्मेदार परस्थितियों की जांच के लिए एक आयोग की गठन की गयी थी. आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट में जयललिता की करीबी विश्वस्त वी के शशिकला को दोषारोपित किया है.
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. ऐसे खबर आ रही है कि उनकी मौत के पीछे उनकी करीबी दोस्त वी के शशिकला का हाथ था. यह दावा जांच रिपोर्ट में किया जा रहा है. जयललिता की मौत 2016 में हुई थी.
जयललिता की मौत की जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश
दरअसल 2016 में जयललिता की मौत के बाद काफी विवाद हुआ था. जिसके बाद जिम्मेदार परस्थितियों की जांच के लिए एक आयोग की गठन की गयी थी. आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट में जयललिता की करीबी विश्वस्त वी के शशिकला को दोषारोपित किया है. जस्टिस ए अरुमुगास्वामी आयोग की जांच रिपोर्ट मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में पेश किया गया.
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जांच रिपोर्ट में क्या है
जस्टिस ए अरुमुगास्वामी आयोग की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कई पहलुओं पर विचार करते हुए शशिकला को दोषारोपित किया गया है और जांच की सिफारिश की गई है.
जयललिता की मौत के पीछे शशिकला के अलावा इनका भी हाथ, रिपोर्ट में दावा
जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यदि जांच का आदेश दिया गया तो पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर, तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन और चिकित्सा के पेशे से जुड़े केएस शिवकुमार भी दोषी पाये जाएंगे. रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्य सचिव राम मोहन राव और चिकित्सकों सहित अन्य के खिलाफ भी जांच की सिफारिश की गई है. विजयभास्कर अन्नाद्रमुक के नेता एवं विधायक हैं.
22 सितंबर 2016 को हुई थी जयललिता की मौत
गौरतलब है कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत 22 सितंबर 2016 को हुई थी. लंबे समय से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी. अम्मा के नाम से मशहूर जयललिता की मौत की जांच के लिए 5 दिसंबर 2016 को एआईएडीएमके सरकार ने आयोग की गठन की.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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