Iran Protests: भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह, एडवाइजरी जारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और इनसाइट पर ईरान में प्रदर्शन करते लोग, फोटो एक्स
Iran Protests: खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण ईरान में भीषण विरोध-प्रदर्शन जारी है. ईरान के 31 प्रांतों में से 25 प्रांतों में 170 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हुए हैं. इसे 2022 के बाद से ईरान में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है. ईरान की खराब स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
Iran Protests: भारत ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सोमवार को वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है. जिसमें यात्रा में सावधानी और संयम बरतने की सलाह दी गई है. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सलाह में भारतीय नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी गई है. MEA ने कहा, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है.
भारतीय नागरिकों को दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह
विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराने की सलाह दी है. बयान में कहा गया है कि ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि यदि पहले से पंजीकरण नहीं कराया है तो तुरंत भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण करा लें.
पिछले साल दिसंबर से जल रहा ईरान
ईरान में भड़की हिंसा पिछले एक सप्ताह से जार पकड़ा है. लेकिन वास्तव में प्रदर्शन पिछले साल दिसंबर से ही जारी है. शुरुआत में दुकानदारों ने आर्थिक शिकायतों को लेकर हड़ताल किया था. बाद में प्रदर्शन का दायरा बढ़ता गया. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन ने अभी तक राष्ट्रव्यापी रूप नहीं लिया है. अब तक विरोध प्रदर्शन में 14 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है, तो अमेरिका उनको बचाने के लिए आगे आएगा. अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप हस्तक्षेप करेंगे या नहीं और यदि करेंगे तो कैसे करेंगे लेकिन उनकी टिप्पणियों को लेकर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी. ईरान के अधिकारियों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी.
2022 में ईरान में भड़की थी हिंसा
पुलिस हिरासत में 2022 में 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे. अमीनी को अधिकारियों हिजाब न पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था.
खामेनेई ने गिरते रियाल के लिए दुश्मन को दोषी ठहराया
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रियाल की गिरती कीमत से नाराज प्रदर्शनकारी ईरानियों की चिंताओं को दंगाइयों से अलग करने की कोशिश की. खामेनेई ने कहा, हम प्रदर्शनकारियों से बात करते हैं, अधिकारियों को भी उनसे बात करनी चाहिए. लेकिन दंगा करने वालों से बात करने का कोई फायदा नहीं है. दंगा करने वालों को उनकी जगह दिखानी होगी. उन्होंने ईरान के अधिकारियों द्वारा लगातार किए जाने वाले एक दावे को भी दोहराया कि इजराइल या अमेरिका जैसी विदेशी ताकतें विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रही हैं, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया. उन्होंने ईरान के गिरते रियाल के लिए भी दुश्मन को दोषी ठहराया.
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By ArbindKumar Mishra
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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