IRCTC की सख्त कार्रवाई, 3.5 करोड़ अकाउंट किए गए बंद, जानिए वजह
Published by : Neha Kumari Updated At : 05 Jun 2025 10:33 AM

Indian Railways: भारतीय रेलवे द्वारा टिकट बुकिंग के समय होने वाली धांधली को काबू करने के उद्देश्य से सख्त कदम उठाए गए हैं. भारतीय ट्रेन टिकट बुकिंग ऐप्लीकेशन IRCTC पर बनाए गए कुल 3.5 करोड़ अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है.
Indian Railways: भारतीय रेलवे की ओर से ट्रेन के टिकट बुकिंग के समय होने वाली धांधली को काबू में करने के उद्देश्य से कड़े कदम उठाए गए है. करीब 3.5 करोड़ अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है. इसके साथ ही भारतीय ट्रेन टिकट बुकिंग ऐप्लीकेशन IRCTC में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से आम यूजर्स को टिकट बुकिंग करने में कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
रेलवे का कहना है कि कई टिकट बुकिंग करने वाली अनधिकृत एजेंट्स बहुत सारे फर्जी ईमेल बनाते हैं और लोगों से अधिक पैसे लेकर उन्हें टिकट देते हैं. इन फर्जी अकाउंट्स के कारण आम यूजर्स को टिकट मिलने में असुविधा का सामना करना पड़ता है. इस देखते हुए रेलवे ने सख्त कदम उठाते हुए 3.5 करोड़ अकाउंट्स को बैन कर दिया है.
फर्जी अकाउंट्स का पता लगाने के लिए AI का किया गया इस्तेमाल
IRCTC के एक अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे टिकट बुकिंग सिस्टम में निष्पक्षता लाने की दिशा में कदम उठाते हुए एप्लिकेशन में एआई को जोड़ा गया है. इस एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से फर्जी डिस्पोजेबल ईमेल एड्रेस से बनाए गए यूजर्स का पता लगाया जाता है और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाता है. अधिकारी ने आगे बताया है कि अब तक IRCTC ने कुल 3.5 करोड़ फर्जी यूजर आईडी को ब्लॉक किया है. इससे न केवल लोगों को टिकट बुकिंग करने में सुविधा मिली है, बल्कि एप्लिकेशन पर भीड़ कम हुई है.
फर्जी अकाउंट्स के जरिए किसी तरह टिकट बुकिंग में धांधली की जाती है
इस मुद्दे पर बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि मान लीजिए कोई व्यक्ति सफर में जाने के लिए टिकट बुक करवाने इन एजेंट्स के पास जाता है. एजेंट टिकट बुकिंग करने के लिए व्यक्ति से ज्यादा पैसे लेता है और IRCTC एप्लिकेशन पर एक साथ करीब 30 फर्जी अकाउंट्स से अप्लाई करता है. इसके लिए वह डिस्पोजेबल ईमेल और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता है. जब इन ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ जाता है और टिकट कंफर्म हो जाती है, तब ये फर्जी नंबर और ईमेल अमान्य हो जाते हैं. लेकिन प्रोफाइल तब भी बनी रहती है.
अधिकारी आगे कहते हैं कि मान लीजिए अगर ऐसी हरकत 100 लोगों द्वारा भी की जाती है, तो यह 3000 हजार कोशिशों के बराबर है. इस कारण उन यूजर्स की बुकिंग संभावना कम हो जाती है, जिन्होंने एक बार ही अप्लाई किया होगा. अधिकारी ने आगे बताया कि इस पर भविष्य में और कड़े कदम उठाए जाएंगे और एप्लिकेशन में कुछ अन्य नए बदलाव किए जा सकते हैं.
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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.
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