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क्या अब रूस की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत? ट्रंप के दावे पर MEA की आई प्रतिक्रिया

Updated at : 05 Feb 2026 4:56 PM (IST)
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india us oil deal

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक दावे पर विदेश मंत्रालय की ओर से बयान आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि सरकार देश की एनर्जी पॉलिसी देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने के लिए है. उन्होंने कहा कि यह सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

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भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरत को पूरा करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.  पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खरीद को लेकर भारत इसी नीति पर चलता है. गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “जहां तक भारत की ऊर्जा खरीद का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.” उन्होंने कहा “बाजार की स्थितियों और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के हिसाब से अपनी ऊर्जा खरीद में बदलाव लाना, यह सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है. भारत के सभी कदम इसी बात को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं और भविष्य में भी इसका अनुसरण किया जाएगा.”

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा “वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश दोनों ही तरह से हमारा दीर्घकालिक साझेदार रहा है. हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चे तेल खरीदते थे. फिर इसे रोकना पड़ा. इसके बाद हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर शुरू किया था, लेकिन प्रतिबंधों के फिर से लागू होने के बाद हमें इसे रोकना पड़ा. ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की आपूर्ति के व्यावसायिक लाभों का पता लगाने के लिए तत्पर है.”

टैरिफ कम करने के लिए पीएम  मोदी ने ट्रंप को दिया धन्यवाद

रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत की है. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ कम करने के लिए धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत में बने उत्पादों का निर्यात अमेरिका को 18% के कम शुल्क पर किया जाएगा. यह व्यापार समझौता अमेरिका को हमारे निर्यात को बड़ा बढ़ावा देगा. इससे भारत में श्रम प्रधान उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, और हमारे लोगों के लिए विकास और समृद्धि आएगी. अमेरिकी पक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि शुल्क की अंतिम राशि 18% है.”

किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए भारत स्वतंत्र- रूस

इससे पहले बुधवार (4 फरवरी) को रूस की ओर से बयान आया था कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा “हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है. भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता.” (इनपुट भाषा)

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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