Amit Shah Review Meeting: बाढ़ से न बिगड़े हालात, अमित शाह ने कसी कमर, मंत्री और अधिकारियों के साथ की बड़ी बैठक

Edited by Pritish Sahay
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Amit Shah Review Meeting | PTI

Amit Shah Review Meeting: मानूसनी बारिश के कारण विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बिहार, असम समेत कई पूर्वोत्तर राज्यों के बड़े हिस्से जलमग्न हो जाते हैं. पिछले कुछ सालों में तमिलनाडु, केरल और जम्मू कश्मीर में भी बाढ़ आयी है. ऐसे में बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक की.

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Amit Shah Review Meeting: देश के कई राज्यों में भले ही मानसून की दस्तक देर से हुई है. लेकिन अब मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. कई राज्यों में जोरदार बारिश से बाढ़ के हालात हो गये है. बता दें, मानसून की बारिश में कई राज्यों में बाढ़ की हालात हो जाती है. ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी रविवार को मानसून के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ आने की स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की. दरअसल, हर साल मानसूनी बारिश के कारण विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बिहार, असम समेत कई पूर्वोत्तर राज्यों के बड़े हिस्से जलमग्न हो जाते हैं. इसी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की. इस दौरान उन्होंने देश में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की.

अमित शाह ने तैयारियों की समीक्षा
पिछले कुछ सालों में तमिलनाडु, केरल और जम्मू कश्मीर में भी बाढ़ आयी है. इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम समेत कई और राज्यों को भी मानसून के दौरान भूस्खलन और बारिश से जुड़ी गंभीर समस्याओं से दो-चार होना पड़ा है. ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली. शाह की बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, विभिन्न मंत्रालयों और गृह, जल संसाधन, नदी विकास, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, सड़क परिवहन विभागों के सचिव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए.

असम में भीषण बाढ़ से तबाही, 1.17 लाख से अधिक लोग प्रभावित
बता दें, असम एक बार फिर बाढ़ की चपेट में है. असम में बाढ़ से 10 जिलों में 1.17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि बाढ़ से प्रदेश के 27 राजस्व मंडल के 968 गांव जलमग्न हो गए हैं. उन्होंने बताया कि प्राधिकारियों ने अभी 134 राहत शिविर और 94 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं जहां कुल 17,661 लोगों ने शरण ली है. अधिकारियों ने बताया कि राज्य में इस साल बाढ़, भूस्खलन और तूफान के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 37 पर पहुंच गई है.

अरुणाचल प्रदेश में भीषण बारिश, बाढ़ जैसे हालात
अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून की दस्तक के साथ भीषण बारिश हो रही है. आज यानी रविवार (23 जून) को अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में बादल फटने से कई जगह भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात गये. बता दें, बीते कुछ समय से अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. इस कड़ी में रविवार को बादल फटने से कई इलाकों में भूस्खलन के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा.  

छत्तीसगढ़ में भी जोरदार बारिश
बता दे देश के कई हिस्सों में मानसून की दस्तक हो गई है. मानसून के कारण झमाझम बारिश हो रही है. छत्तीसगढ़ में भी बारिश हो रही है. वहीं,  मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों के तेज बारिश के आसार हैं.  भाषा इनपुट से साभार

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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