India-Maldives Row: पहले बयानबाजी, अब लगा गिड़गिड़ाने, मालदीव टूरिज्म इंडस्ट्री ने भारत से लगाई गुहार

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Jan 2024 6:34 PM

विज्ञापन

पीएम मोदी पर किए गए आपत्तिजनक बयान के बाद पूरा मालदीव बैकफुट पर आ गया है. मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि कुछ उप मंत्रियों की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है.

विज्ञापन

India-Maldives Row: मालदीव के कुछ मंत्रियों की ओर से पीएम मोदी पर किए गए आपत्तिजनक बयान के बाद पूरा मालदीव बैकफुट पर आ गया है. मालदीव में विपक्षी दल सरकार पर ऐसे बयानबाजी के लिए हमलावर हैं तो वहीं देश का टूरिज्म विभाग अब घुटनों के बल आ गया है. विभाग की ओर से गुहार लगाया जा रहा है. कुछ मंत्रियों की बयानबाजी के बाद  मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) ने कहा है कि वो ऐसे अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है.

अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है MATI
मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि कुछ उप मंत्रियों की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है. MATI ने मंत्रियों के बयान पर खेद जाहिर किया है. MATI ने अपने बयान में कहा कि भारत हमारे सबसे नजदीक का पड़ोसी होने के साथ-साथ हमारे अहम सहयोगियों में से भी एक है. भारत ने हमेशा संकट की घड़ी में मालदीव की मदद की है.

मालदीव से व्यापार से परहेज करने की सलाह- कैट
गौरतलब है कि भारत-मालदीव राजनयिक तनाव के बीच व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने व्यापारियों से मालदीव से कारोबार में परहेज करने की सलाह दी है.कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी व्यापारिक समुदाय को कतई स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि बहिष्कार के आह्वान का उद्देश्य एकजुटता जताना और ऐसे अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ अस्वीकृति दर्ज करना है.

भारत के साथ तल्ख हुए रिश्ते
बता दें, पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भारत और मालदीव के बीच हाल तनाव काफी बढ़ गया है. मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन समर्थित हैं. फिलहाल वो चीन की एक सप्ताह की यात्रा पर हैं. हाल ही में पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे को लेकर उनकी सरकार के मंत्रियों ने अपमानजनक कमेंट किया था. हालांकि मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि सरकार ने उन मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है.

Also Read: India-Maldives Row: मालदीव को भारी पड़ने वाली है भारत से दुश्मनी! इजराइल करने जा रहा है यह काम

मालदीव सरकार को भारत से माफी मांगनी चाहिए- पूर्व उपराष्ट्रपति अदीब
मालदीव का टूरिज्म विभाग घुटनों के बल आ गया है तो देश के पूर्व उपराष्ट्रपति अहमद अदीब ने सरकार के खरी-खरी सुना रहे हैं. उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों को अस्वीकार्य करार दिया है. साथ ही कहा है कि मालदीव सरकार को माफी मांगनी चाहिए थी और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को भारतीय नेता से बात कर राजनयिक संकट को सुलझाना चाहिए था. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए अदीब ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने भारतीय नेता के खिलाफ घटिया भाषा का इस्तेमाल किया, जो निंदनीय हैं. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये कभी नहीं होना चाहिए था, जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. मेरा मानना है कि मालदीव सरकार को कड़ी कार्रवाई कर और तेजी से प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी.
भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola