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India China Face Off: चीन से लोहा लेने के लिए पीएम मोदी ने इमरजेंसी में मंगवाईं HAMMAR मिसाइलें, जानिए क्या है खासियत

Updated at : 23 Jul 2020 6:04 PM (IST)
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India China Face Off: चीन से लोहा लेने के लिए पीएम मोदी ने इमरजेंसी में मंगवाईं HAMMAR मिसाइलें, जानिए क्या है खासियत

नयी दिल्ली : चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद (India China Border Dispute) के बीच भारत ने फ्रांस से हैमर (HAMMAR) मिसाइलें मंगवाई हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने इमरजेंसी पावर (Emergency Powers) का इस्तेमाल कर फ्रांस से ये मिसाइलें मंगवाई हैं. इन मिसाइलों की पहली खेप 29 जुलाई को भारत पहुंच जायेगी. पिछले दिनों पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी (Galvan Valley) में हुए हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है.

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नयी दिल्ली : चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद (India China Border Dispute) के बीच भारत ने फ्रांस से हैमर (HAMMAR) मिसाइलें मंगवाई हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने इमरजेंसी पावर (Emergency Powers) का इस्तेमाल कर फ्रांस से ये मिसाइलें मंगवाई हैं. इन मिसाइलों की पहली खेप 29 जुलाई को भारत पहुंच जायेगी. पिछले दिनों पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी (Galvan Valley) में हुए हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रक्षा सूत्रों ने बताया कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल राफेल विमानों में लगाया जायेगा. बताया जा रहा है कि दुनिया की सबसे शानदार लड़ाकू विमानों में से एक राफेल की मारक क्षमता हैमर मिसाइलों के साथ और भी घातक हो जायेगी. इनकी मारक क्षमता 60 से 70 किलोमीटर के आसपास है. इतनी दूरी पर यह अपने लक्ष्य को सटीकता के साथ निशाना बना सकता है.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि हैमर मिसाइलों के भारतीय बेड़े में शामिल होने के बाद किसी भी बंकर पर निशाना लगाने की क्षमता और ज्यादा बढ़ जायेगी. हैमर (Highly Agile Modular Munition Extended Range) मीडियम रेंज मिसाइल है, जिसे फ्रांस की वायुसेना और नेवी के लिए तैयार किया गया है. ये आसमान से जमीन पर वार करती है. हैमर लद्दाख जैसे पहाड़ी इलाकों में भी मजबूत से मजबूत शेल्टर और बंकरों को तबाह कर सकती है. हैमर से 60 से 70 किलोमीटर रेंज तक किसी भी तरह के टारगेट को तबाह किया जा सकता है.

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अभी हाल में ही भारत ने रूस के साथ एक बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है. इसके तहत रूस, भारत को 33 नये लड़ाकू विमान देगा. इसके साथ ही भारत में पुराने मिग-29 विमानों को अपग्रेड किया जायेगा. रूस के साथ भारत ने 38,900 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है. 21 मिग-29 लड़ाकू विमान रूस से जबकि 12 एसयू-30 एमकेआई विमान हिन्दुस्तान एरोनॉटिकल्स लिमिटेड से खरीदे जायेंगे.

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर निगरानी के लिए सेना को ‘भारत’ नामक ड्रोन दिया है. एडवांस रिलीज टेक्नोलॉजी के साथ यूनीबॉडी बायोमिमेटिक डिजाइन वाला यह ड्रोन एक तगड़ा कॉम्बिनेशन है. जो दोस्त और दुश्मनों को पहचानने की क्षमता रखता है और कार्रवाई भी कर सकता है.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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