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कोरोना की उत्पति कहां से हुई कैसे हुई? जवाब तलाशने में दुनिया की मदद कर रहा है यह व्यक्ति

Updated at : 06 Jun 2021 7:57 AM (IST)
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कोरोना की उत्पति कहां से हुई कैसे हुई? जवाब तलाशने में दुनिया की मदद कर रहा है यह व्यक्ति

अब अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि उसने ऐसे व्यक्ति की तलाश की है जिसने दुनिया को कोरोना वायरस की उत्पति और उसके प्रसार को लेकर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है. अंग्रेजी अखबार ने इस संबंध में उस व्यक्ति से मुलाकात नहीं की क्योंकि वो अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता.

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कोरोना संक्रमण की उत्पति को लेकर पूरी दुनिया सवाल कर रही है. कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जवाब तलाशने के लिए टीमों में बटी हैं लेकिन अबतक किसी को कोई जवाब नहीं मिला जिसे दुनिया के सामने खुलकर रखा जा सके और आधिकारिक तौर पर यह बताया जा सके कि कोरोना संक्रमण की उत्पति कैसे हुई, कहां से हुई और कैसे यह संक्रमण पूरी दुनिया में फैल गया.

अब अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि उसने ऐसे व्यक्ति की तलाश की है जिसने दुनिया को कोरोना वायरस की उत्पति और उसके प्रसार को लेकर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है. अंग्रेजी अखबार ने इस संबंध में उस व्यक्ति से मुलाकात नहीं की क्योंकि वो अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता.

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एक एन्क्रिप्टेड ईमेल के माध्यम से उसने टीओआई के सवालों का जवाब दिया और कहा कि वह अज्ञात रहना पसंद करता है क्योंकि वह फेमस नहीं होना चाहता. वह अपनी सुरक्षा को खतरे में नहीं डालना चाहता.

जब उससे सवाल किया गया कि उसने कोरोना वायरस के संबंध में जांच क्यों शुरू की तो उसने कहा, मैंने इसमें एक साल का अधिक समय दिया है. इस शोध में कई सवालों के जवाब ढुढ़ने की कोशिश की है जो पूरी दुनिया जानना चाहती है.

वह व्यक्ति उस टीम का भी हिस्सा है जो इंटरनेट पर कोरोना वायरस के संबंध में सभी जवाबों को तलाश रही है. उसे कई तरह के सबूत मिले है जो कोरोना वायरस के संबंध में उसके दावे को और मजबूत करते हैं.

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इस अनजान व्यक्ति के संबंध में यह कहा जा रहा है कि उसने अपने शोध से कई फैक्ट्स सामने लेकर आये हैं. वह बुद्धिमान है और उसे चीनी भाषा का भी ज्ञान है. कोरोना वायरस में अपने रिसर्च के दौरान पिछले ही साल उन्होंने चीन की मास्टर थीसिस को हासिल किया था जिसमें जिक्र था कि साल 2012 में मोजिआंग में खदान में काम करने वाले छह मजदूर इस रहस्यमय बीमारी के शिकार हो गये थे. तीन दिनों बाद उनकी मौत हो गयी.

उनके इस खोज ने दुनिया का ध्यान इस शोध की तरह आकर्षित कर दिया है जिससे सवालों को और मजबूती मिली है. वो कहते हैं मैंने काफी तथ् और डाटा रखा है सभी लैब से कोरोना वायरस की लीक की तरफ ही इशारा करते हैं . इस मामले की अभी और जांच की आवश्यक्ता है.

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