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देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार हुई धीमी, पढ़ें क्या है बड़ी वजह

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
vaccine in private hospital
vaccine in private hospital
PTI

देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज हो और सरकार जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा लोगों तक वैक्सीन पहुंचा सके इसलिए प्राइवेट अस्पतालों में भी वैक्सीन की इजाजत दी गयी लेकिन टाइम्स ऑफ इंड़िया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार कम हुई है.

वैक्सीनेश के लिए इस्तेमाल की जा रही कोविन वेबसाइट के आंकड़े भी इसी पक्ष में हैं. इनमें से ज्यादातर अस्पताल पूरे देश में नहीं है जिससे इन्हें वैक्सीनेशन में आसानी हो. जो आंकड़े सामने है उसके अनुसार अप्रैल खत्म होते जो आंकड़े थे वो 5000 अस्पतालों के थे जो प्राइवेट वैक्सीनेशन योजना में सरकार के साथ थे और वैक्सीन दे रहे थे. अब यह आंकड़े 1300 से 1700 के बीच में आ गये हैं.

जो लोग सक्षम है वो पैसे देकर प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन लगवा रहे हैं. केंद्र ने यह भी जानकारी दी कि 25 फीसद वैक्सीन के लिए प्राइवेट अस्पताल सहयोग कगर रहे हैं. सरकार को इससे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को तेजी लाने में सहययोग मिल रहा था.

अब देश में हो रही वैक्सीन की कमी की वजह से कई बड़े शहरों के अस्पतालों को अपने हाथ वापस खींच लेने पड़े. प्राइवेट अस्पताल सीधे वैक्सीन बनाने वाले से संपर्क नहीं कर सकते इसलिए सरकारी वैक्सीन पर निर्भर है.

सरकार को वैक्सीनेशन कार्यक्रम के तहत इन प्रावेट अस्पतालों का विशेष ध्यान देना चाहिए. इसमें से कई बड़े अस्पताल है जो देश के कई बड़े शहरों में है. ऐसे कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों का कहना है कि हमने 76 लाख रुपये खर्च किये और हमें 12000 डोज मिली है. कई अस्पतालों ने पैसा दे दिया लेकिन अबतक उनके अस्पताल में वैक्सीन की डोज नहीं मिली है ज्यादातर लोग इंतजार कर रहे हैं.

प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन की शुरुआत हुई है तो ऐसे कई लोग हैं जो किसी खास वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं. वह पैसे दे कर मन पसंद की वैक्सीन लगाने के लिए तैयार हैं. ऐसे में वैक्सीन की कमी इस अभियान को और धीमा कर रही है.

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