Explainer: हथिनी कुंड बैराज आखिर क्यों बनता है दिल्ली में बाढ़ की वजह?
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Jul 2023 10:43 AM
हथिनी कुंड बैराज दिल्ली और हरियाणा के बीच यमुना के पानी का बंटवारा करता है. दिल्ली को 60 फीसदी पानी हथिनीकुंड बराज से ही मिलती है. इसलिए दिल्ली के लिए हथिनीकुंड लाइफ लाइन है. लेकिन पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली के लिए यह खतरा भी बन जाता है.
हरियाणा द्वारा हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. यमुना के जलस्तर ने पिछले 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और 207.89 मीटर पर पहुंच चुका है. साल 1978 में उच्चतम बाढ़ स्तर 207.49 मीटर था. मालूम हो दिल्ली हमेशा हथिनीकुंड बैराज से डरी रहती है. उसके ऊपर बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना के जलस्तर बढ़ने को लेकर केंद से हस्तक्षेप की मांग की
बाढ़ के खतरे के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना के जलस्तर को लेकर केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि केंद्र यह सुनिश्चित करे की यमुना का पानी और न बढ़े.
दिल्ली से क्या है हथिनीकुंड का कनेक्शन
हथिनी कुंड बैराज दिल्ली और हरियाणा के बीच यमुना के पानी का बंटवारा करता है. दिल्ली को 60 फीसदी पानी हथिनीकुंड बैराज से ही मिलती है. इसलिए दिल्ली के लिए हथिनीकुंड लाइफ लाइन है. लेकिन पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली के लिए यह खतरा भी बन जाता है. बराज पर प्रवाह दर 352 क्यूसेक है, लेकिन भारी बारिश की वजह से इसकी क्षमता को देखते हुए पानी को खोलना मजबूरी हो जाता है.
Also Read: Delhi Rain: यमुना का दिख रहा रौद्र रूप, खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी, निचला इलाका कराया गया खाली
यमुना में छोड़ा गया पानी कितनी देर में पहुंचता है दिल्ली
हरियाणा जब हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ता है, तो उसे दिल्ली पहुंचने में दो से तीन दिन लग जाता है. यानी 72 घंटे में बराज का पानी दिल्ली में प्रवेश करता है. अब सवाल उठता है कि आखिरी बराज से पानी क्यों छोड़ा जाता है. दरअसल हथिनी कुंड बैराज का निर्माण यमुना के पानी को नियंत्रित करने के लिए किया गया है. इससे हरियाणा के लोगों को सिंचाई का पानी मिलता है. हरियाणा के लोगों को बराज के निर्माण से बाढ़ का खतरा भी कम हो गया है. लेकिन जबभी भारी बारिश होती है, हथिनी कुंड बैराज के फाटक को खोल दिया जाता है. हर साल बारिश के मौसम में यहां से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, जिससे दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है.
बाढ़ की आशंका के बीच हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया गया स्थानांतरित
यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि से दिल्ली पर बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. यमुना नदी किनारे स्थित कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है. दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. आईटीओ के पास स्थित दिल्ली परिवहन निगम मुख्यालय में जलजमाव हो गया. उत्तरपूर्वी दिल्ली के गांधी मेंडू और उस्मानपुर गांवों में बाढ़ का पानी चार फुट से ऊपर हो गया है. मालूम हो दिल्ली में यमुना नदी के पास स्थित निचले इलाके बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं और वहां करीब 37,000 लोग रहते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










