Haldwani Violence: हिंसाग्रस्त हल्द्वानी में कैसे हैं हालात, अबतक 30 लोग गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

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Haldwani Violence: हिंसाग्रस्त हल्द्वानी में कैसे हैं हालात, अबतक 30 लोग गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

Haldwani: Police personnel check documents of commuters during a curfew at Banbhoolpura area, following incidents of violence after the demolition of an ‘illegally built’ madrasa, in Haldwani, Sunday, Feb. 11, 2024. (PTI Photo)(PTI02_11_2024_000103A)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर कहा कि हल्द्वानी में हुई घटना में शामिल उपद्रवियों और अराजक तत्वों पर कार्रवाई लगातार जारी है और सभी दंगाइयों को एक-एक कर गिरफ्तार किया जा रहा है. उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा अभियान जारी रहेगा.

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उत्तराखंड के हल्द्वानी में तीन दिन पहले हिंसा भड़काने के आरोप में पिछले 24 घंटे में 25 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की तलाश अभी जारी है. इधर कर्फ्यूग्रस्त बनभूलपुरा क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं चालू कर दी गई हैं. मेडिकल स्टोर खोल दिए गए हैं और बनभूलपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालू कर दिया गया है.

हिंसा मामले में अबतक 30 लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीणा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक 30 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. आठ फरवरी को हुई घटना के सिलसिले में पांच लोगों को पहले गिरफ्तार किया गया था. पूरे मामले में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं. प्रत्येक एफआईआर को एक जांच टीम को आवंटित किया गया है और उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया है. उन्होंने बताया कि घटना के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की तलाश अभी जारी है.

दंगाइयों को एक-एक कर गिरफ्तार किया जा रहा: पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर कहा कि हल्द्वानी में हुई घटना में शामिल उपद्रवियों और अराजक तत्वों पर कार्रवाई लगातार जारी है और सभी दंगाइयों को एक-एक कर गिरफ्तार किया जा रहा है. उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा अभियान जारी रहेगा.

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा

हल्द्वानी में हिंसा के मद्देनजर हालात से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने और केंद्रीय बलों की मांग की है. जिसके बाद वहां सुरक्षाबलों की तैनाती शुरू कर दी गई है. जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है. मालूम हो गृह मंत्रालय से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 100-100 जवानों वाली चार कंपनियों की मांग की गयी थी ताकि हिंसा ग्रस्त बनभूलपुरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को कायम रखा जा सके. बनभूलपुरा में करीब 1000 सुरक्षाकर्मी पहले से ही तैनात हैं.

हल्द्वानी में इंटरनेट सेवा बहाल

हल्द्वानी में इंटरनेट सुविधाएं बहाल कर दी गयी हैं. हालांकि, इसके साथ चेतावनी भी जारी की गयी है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली पोस्ट डालता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की मुलाकात

हल्द्वानी हिंसा को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की. उन्होंने मुख्यमंत्री से हल्द्वानी के बनभूलपुरा मामले पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और दंगा प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई की है. इस घटना की जांच के लिए कमिश्नर कुमाऊं को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए गए हैं.

क्या है मामला

गौरतलब है कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा में स्थित ‘मलिक का बगीचा’ में अवैध मदरसा और नमाज स्थल के ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासनिक अमले पर स्थानीय लोगों की भीड़ ने हमला बोल दिया था. इस दौरान भीड़ में शामिल अराजक तत्वों ने छतों से पथराव किया, पेट्रोल बम फेंक कर वाहनों में आग लगाई और बनभूलपुरा पुलिस थाने को फूंक दिया. बिगड़ते हालात को संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया जिसमें छह लोग मारे गए थे.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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