Gobi Farming Post Controversy: ‘गोभी की खेती’ पोस्ट पर क्यों मचा घमासान? असम के मंत्री पर थरूर ने साधा निशाना

शशि थरूर
Gobi Farming Post Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद असम के मंत्री अशोक सिंघल विवादों में आ गए हैं. उन्होंने ‘गोभी की खेती’ का पोस्टर अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया. लेकिन इस पर बवाल शुरू हो गया. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पोस्टर और सिंघल की प्रतिक्रिया की निंदा की है.
Gobi Farming Post Controversy: बिहार चुनाव परिणाम को लेकर असम के मंत्री अशोक सिंघल ने ‘गोभी की खेती को मंजूरी’ से संबंधित एक पोस्ट डाला. जिस पर विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह 1989 में भागलपुर में मुसलमानों की हत्या का महिमामंडन है.
असम के मंत्री ने क्या किया ट्वीट?
विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत के बाद, सिंघल ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक फूलगोभी के खेत की तस्वीर पोस्ट की थी और लिखा था, ‘बिहार ने गोभी की खेती को मंजूरी दे दी है.’
शशि थरूर ने सिंघल पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट की रविवार को निंदा करते हुए कहा कि न तो हिंदू आस्था और न ही राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों को उचित ठहराता है या उनका समर्थन करता है और न ही उनकी सराहना करता है.
1989 में बिहार में क्या हुआ था, गोभी की खेती पर क्यों है विवाद?
सिंघल के पोस्ट पर कई लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि फूलगोभी की यह तस्वीर बिहार के 1989 के भागलपुर हिंसा का परोक्ष तौर पर संदर्भ है, जिसमें कई मुसलमानों को मार डाला गया था और उन्हें खेत में दफना दिया गया था, जहां बाद में शव छिपाने के लिए फूलगोभी के पौधे लगा दिए गए थे. एक यूजर ने सिंघल की पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा, ‘‘एक कैबिनेट मंत्री एक चुनावी जीत का जश्न मनाने के लिए 116 मुसलमानों के नरसंहार का महिमामंडन कर रहे हैं.’’ उन्होंने थरूर को टैग करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुछ प्रभावशाली हिंदू नेताओं से ‘‘बिहारी मुसलमानों के खिलाफ किए गए सबसे बुरे नरसंहारों में से एक की निंदा करवा सकते हैं.’’
यूजर के पोस्ट पर थरूर ने दिया जवाब
शशि थरूर ने यूजर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘मैं कोई सामुदायिक आयोजक नहीं हूं, इसलिए संयुक्त बयान देना मेरा काम नहीं है, लेकिन समावेशी भारत के एक उत्साही समर्थक और एक गौरवान्वित हिंदू के रूप में, मैं अपनी ओर से और अपने जानने वाले अधिकांश हिंदुओं की ओर से यह कह सकता हूं कि न तो हमारा धर्म और न ही हमारा राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों की मांग करता है, न उन्हें उचित ठहराता है और न ही उनका समर्थन करता है और उनकी सराहना करना तो दूर की बात है.’’
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम के मंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शनिवार को कहा था कि बिहार चुनाव परिणाम के मद्देनजर असम के एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री द्वारा ‘गोभी की खेती’ वाली तस्वीर का इस्तेमाल राजनीतिक विमर्श में एक चौंकाने वाला नया निचला स्तर है. गोगोई ने कहा, ‘‘यह असभ्य और शर्मनाक दोनों है. यह तस्वीर 1989 के लोगैन नरसंहार से व्यापक रूप से जुड़ी हुई है, जिसमें भागलपुर हिंसा के दौरान 116 मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी और उनके शवों को फूलगोभी के पौधों के नीचे छिपा दिया गया था.’’
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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