स्मृति ईरानी के पति से जुड़ी फर्म से गोवा कैफे को मिला लाइसेंस, RTI से हुआ ये खुलासा
अगस्त के महीने में स्मृति ईरानी ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया था कि उनकी बेटी की गोवा के असगाओ में स्थित सिली सोल्स कैफे और बार में कोई हिस्सेदारी नहीं थी.
सिली सोल्स कैफे एंड बार…ये नाम आपके कान तक पिछले दिनों जरूर पहुंचा होगा. दरअसल इस विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी चर्चा में आ गयीं थीं. अब एक बार फिर मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. आपको बता दें कि अब तक स्मृति ईरानी का परिवार सिली सोल्स कैफे से जुड़े होने से इनकार करता रहा है, लेकिन अब एक आरटीआई के माध्यम से जो खुलासा हुआ है उससे राजनीति फिर तेज होने के आसार हैं. आरटीआई से यह बात सामने आयी है कि सिली सोल्स कैफे जिस कंपनी के नाम से है वह स्मृति ईरानी के पति जुबिन ईरानी की कंपनी की साझेदारी में है.
यदि आपको याद हो तो अगस्त के महीने में स्मृति ईरानी ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया था कि उनकी बेटी की गोवा के असगाओ में स्थित सिली सोल्स कैफे और बार में कोई हिस्सेदारी नहीं थी. महिला और बाल विकास मंत्री को उस वक्त आलोचना का सामना करना पड़ा था. ऐसा इसलिए क्योंकि गोवा के आबकारी विभाग ने कहा था कि सिली सोल्स कैफे और बार ने अपने शराब लाइसेंस को अवैध रूप से रिन्यूअल करवाया है.
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गौर हो कि विभाग ने इस संबंध में कैफे को नोटिस भी जारी कर चुका है. इससे पहले, सोशल मीडिया पोस्ट से लोग इस बारे में बात कर रहे थे जिसमें स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी का नाम लिया जा रहा था. लोग पूछ रहे थे कि क्या जोइश ईरानी कैफे की मालिक है. हालांकि, बाद में केंद्रीय मंत्री ने इसमें पारिवारिक स्वामित्व से इनकार किया था.
इस संबंध में एक RTI दाखिल की गयी जिसके बाद जो जानकारी सामने आयी है, उसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. The Wire ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की है. खबर के अनुसार गोवा के असगाओ में सिली सोल्स कैफे एंड बार को जारी किया गया फूड एंड ड्रग लाइसेंस ईटऑल फूड एंड बेवरेजेज लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एलएलपी के नाम से है. कंपनी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पति जुबिन ईरानी से संबंधित है. आपको बता दें कि मामले को लेकर कांग्रेस भाजपा और स्मृति ईरानी पर हमलावर थी.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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