Genome India Project: 'भारत की दुनिया में बड़े फार्मा हब के रूप में बनी पहचान', बोले पीएम मोद 10 साल में मिली कई बड़ी उपलब्धि

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Jan 2025 8:00 PM

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Genome India Project

Genome India Project: जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट जैव प्रौद्योगिकी क्रांति का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक विविध आनुवंशिक संसाधन बनाने में सफल रहे हैं. इस परियोजना में 10,000 लोगों की जीनोम डेटा जारी किया गया है. यह आनुवांशिक और संक्रामक रोगों के उपचार में मील का पत्थर साबित हो सकता है.

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Genome India Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 10,000 भारतीय नागरिकों का जीनोम अनुक्रमण डेटा जारी किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. पीएम मोदी ने कहा कि जीनोम इंडिया डेटा देश में आनुवंशिक विविधता का प्रतिनिधित्व करता है. भारतीय जैविक डेटा केंद्र के शोधकर्ताओं को यह उपलब्ध होगा. इस दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व के एक बड़े फार्मा हब (Pharma Hub) के रूप में भारत ने पहचान बनाई है. करोड़ों देशवासियों को मुफ्त इलाज, जन औषधि केंद्रों से 80 फीसदी तक की छूट, आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण समेत बीते 10 सालों में देश ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं.

जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से द्वारा आयोजित जीनोमिक्स डेटा सम्मेलन में पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि ‘मुझे खुशी है कि देश के 20 से ज्यादा शोध संस्थानों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है. इस परियोजना का डाटा 10 हजार भारतीयों का जीनोम सीक्वेंस अब इंडिया बायोलॉजिकल डाटा सेंटर में उपलब्ध है. मुझे विश्वास है कि बायो-टेक्नोलॉजी शोध के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.’ पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद समेत जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और इनोवेशन केंद्र जैसे 20 से भी ज्यादा प्रसिद्ध अनुसंधान संस्थानों ने इस शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

शोध की दुनिया में भारत का ऐतिहासिक कदम- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि पांच साल पहले जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी. कोविड की चुनौतियों के बावजूद देश के वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया है. इस राष्ट्रीय डेटाबेस में देश के असाधारण आनुवंशिक परिदृश्य को समाहित किया गया है और यह एक अमूल्य वैज्ञानिक संसाधन के रूप में काम करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि यह आनुवांशिक और संक्रामक रोगों के उपचार में मील का पत्थर साबित हो सकता है. इससे नई दवाओं और सटीक चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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