दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की गर्जना रैली, हजारों की संख्या में जुटे अन्नदाता, देखें तस्वीरें

Published by : Pritish Sahay Updated At : 19 Dec 2022 2:26 PM

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दिल्ली में एक बार फिर देश के कई हिस्सों से किसानों का जुटान हो रहा है. यहां रामलीला मैदान में किसान आज 'किसान गर्जना' विरोध मार्च का आयोजन कर रहे हैं. विरोध मार्च को लेकर यूपी, पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों से किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं.

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किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का संगठन भारतीय किसान संघ देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को किसान गर्जना रैली कर रहे है. बीकेएस किसानों से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार से के खिलाफ सड़कों पर उतर रहा है. अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे है.

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किसान संगठन की मांग है कि सिंचाई और नदी लिंक प्रोजेक्ट्स के लिए भी मदद की जानी चाहिए. बीकेएस ने इस उद्देश्य के लिए अधिक पैसे देने करने की मांग भी की है.

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केंद्र सरकार से किसानों की मांग है कि जीएम सरसों के बीज को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए. देश की निर्यात-आयात नीति लोगों के हित में होनी चाहिए.

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देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की मांग और भारतीय किसान संघ की डिमांड है कि केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करे.

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कार्डधारकों को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) से प्रमाणपत्र की जरूरत के बिना माइक्रो-प्रोसेसिंग फूड यूनिट्स लगाने का लाइसेंस दिया जाए.

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किसान संगठन की मांग है कि सिंचाई और नदी लिंक प्रोजेक्ट्स के लिए भी मदद की जानी चाहिए. बीकेएस ने इस उद्देश्य के लिए अधिक पैसे देने करने की मांग कर रहे है.

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विरोध मार्च को लेकर यूपी, पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों से किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं.

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किसानों की मांग है कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में खेती की बढ़ी लागत के अनुपात में बढ़ोतरी की जाए. किसान संगठन अनाज में सब्सिडी के अलावा डीबीटी के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी कर रहा है.

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भारतीय किसान संघ (बीकेएस, BKS) की ओर से आयोजित किसान गर्जना विरोध मार्च में शामिल किसान अपनी स्थिति में सुधार के साथ-साथ कई और मांगों को लेकर दिल्ली में जमा हो रहे हैं.

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भारतीय किसान संगठन (बीकेएस) की मांग है कि केंद्र सरकार कृषि उपज पर जीएसटी न लगाएं.

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दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय किसान संगठन की ओर से आयोजित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकती है.

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ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि महाराजा रणजीत सिंह मार्ग, मीरदर्द चौक, मिंटो रोड, अजमेरी गेट, चमन लाल मार्ग, दिल्ली गेट, जेएलएन मार्ग, कमला मार्केट गोल चक्कर से हमदर्द चौक, भवभूति मार्ग और पहाड़गंज चौक में ट्रैफिक डायवर्ट किए गए हैं.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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