Election Commission: केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग पूरी, चुनावी राज्यों में होंगे तैनात

चुनाव के दौरान यह पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के प्रतिनिधि के रूप में जिले और विधानसभा क्षेत्रों में तैनात होंगे. चुनाव से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी और रिपोर्ट सीधे चुनाव आयोग को भेजेंगे.
Election Commission: असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैनात किए जाने वाले 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग निर्वाचन आयोग द्वारा पूरी कर ली गयी है. नयी दिल्ली में दो दिनों तक चली इस बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हुए. पर्यवेक्षकों को मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव संचालन, चुनावी खर्च, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया प्रबंधन और ईवीएम की कार्यप्रणाली से जुड़ी अहम जानकारियां दी गयी. चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना होती है. चुनाव के दौरान यह पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के प्रतिनिधि के रूप में जिले और विधानसभा क्षेत्रों में तैनात होंगे. चुनाव से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी और रिपोर्ट सीधे चुनाव आयोग को भेजेंगे. इस दो दिवसीय बैठक के दौरान पर्यवेक्षकों ने काफी रुचि दिखायी और कई तरह के सवाल पूछे. पर्यवेक्षकों के सवाल और पारदर्शी तथा स्वतंत्र चुनाव कराने की दिशा में उनकी क्या भूमिका होती है, इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त सहित अन्य चुनाव आयुक्तों ने विस्तार से अवगत कराया. बैठक में पर्यवेक्षकों को आईटी के प्रयोग और मीडिया प्रबंधन की भी जानकारी दी गयी.
सभी प्रत्याशियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर
केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सभी चुनाव कानून, नियमों और दिशा-निर्देशों से भली भांति परिचित होने और आयोग को सीधे जानकारी देने के लिए कहा गया ताकि नियमों का सख्ती और निष्पक्ष तौर पर पालन हो सके. इस दौरान पर्यवेक्षकों को राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहने और मतदाताओं की शिकायतों का समय पर निवारण करने को कहा गया. बैठक में चुनाव आयुक्तों की ओर से साफ तौर पर कहा गया कि देश में चुनाव पूरी तरह चुनाव कानूनों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कराये जाते हैं और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या भटकाव की कोई गुंजाइश नहीं है. क्षेत्र में रहते हुए वे निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि होते हैं. अधिकारियों से उच्च स्तर के आचरण का पालन करने और सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को समान अवसर सुनिश्चित करने को भी कहा गया.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अंतिम दिन पर्यवेक्षकों से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने का आह्वान किया. जबकि चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होने की बात कही. वहीं वहीं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने पर्यवेक्षकों से चुनाव के दौरान मिलने वाली शिकायतों और आपत्तियों का त्वरित समाधान करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जनता और राजनीतिक दलों का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत होता है. गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत प्राप्त अधिकारों के अनुसार केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है, ताकि जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें.
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