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Education: देश में मेडिकल की पांच हजार पीजी और पांच हजार यूजी सीट बढ़ाने को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

Updated at : 24 Sep 2025 7:02 PM (IST)
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Education: देश में मेडिकल की पांच हजार पीजी और पांच हजार यूजी सीट बढ़ाने को केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

सरकार के फैसले से केंद्र और राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने और साथ ही पीजी और यूजी की सीटों को बढ़ाने में मदद मिलेगी. दोनों योजनाओं पर वर्ष 2025-26 से 2028-29 के दौरान 15034.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, इसमें केंद्र 10303.20 करोड़ रुपये और राज्य को 4731.30 करोड़ देनदारी होगी.

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Education:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश में मौजूद मेडिकल संस्थानों को सशक्त और अपग्रेड करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी. इसका मकसद देश में मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या 5000 और अंडर ग्रेजुएट सीट की संख्या 5023 बढ़ाई जा सके. इसके लिए प्रति मेडिकल कॉलेजों को प्रति सीट 1.5 करोड़ रुपये लागत से मदद मिलेगी. 

सरकार का मानना है कि इस फैसले देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर होगी. पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में वृद्धि से सरकारी संस्थानों में नए क्षेत्र में चिकित्सा विशेषज्ञ सेवा शुरू करने में भी मदद मिलेगी. सरकार के फैसले से केंद्र और राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने और साथ ही पीजी और यूजी की सीटों को बढ़ाने में मदद मिलेगी. 

दोनों योजनाओं पर वर्ष 2025-26 से 2028-29 के दौरान 15034.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, इसमें केंद्र 10303.20 करोड़ रुपये और राज्य को 4731.30 करोड़ देनदारी होगी. राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों में मेडिकल सीट बढ़ाने की योजना से देश में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और इससे स्वास्थ्य के क्षेत्रीय में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में भी मदद मिलेगी. साथ ही भविष्य में देश की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में भी योगदान देने में सहायक होगी.  

देश में समग्र चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में होगा कारगर

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि देश के 140 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए देश में सशक्त चिकित्सा व्यवस्था का होना जरूरी है. ताकि आम लोगों खासकर आदिवासी, ग्रामीण और समाज के गरीब लोगों को समय पर उचित इलाज की सुविधा मिल सके. इसके लिए देश में पेशेवर चिकित्साकर्मी की उपलब्धता होना जरूरी है.

मौजूदा समय में देश में  808 मेडिकल कॉलेज हैं, जो विश्व में सर्वाधिक है और इसमें कुल एक लाख 23 हजार 700 एमबीबीएस सीट, जबकि 43041 पोस्ट ग्रेजुएट सीट है. पिछले एक दशक में एमबीबीएस की सीट में 127 फीसदी और पोस्ट ग्रेजुएट की सीट में 143 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्वीकृत 22 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) तृतीयक स्वास्थ्य सेवा मुहैया करने और अत्याधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ चिकित्सा क्षमता के उच्चतम मानकों के स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

योग्य संकाय सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए संकाय पात्रता और भर्ती हेतु समावेशी और योग्यता-आधारित दृष्टिकोण के लिए नए चिकित्सा संस्थान (संकाय योग्यता) विनियम 2025 जारी किया गया है. इसका मकसद चिकित्सा शिक्षकों की बढ़ती आवश्यकता पूरी करना है.

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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