Coronavirus : लॉकडाउन का महत्व समझाने क लिए पुलिस अपना रही ये नायाब तरीके

Updated:
विज्ञापन
Coronavirus : लॉकडाउन का महत्व समझाने क लिए पुलिस अपना रही ये नायाब तरीके

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद गैर जरूरी गतिविधियों के लिए जहां लोगों का बाहर निकलना जारी है वहीं पुलिस ऐसे लोगों को घर में रहने का महत्व समझाने के लिए नायाब तरीके अपना रही है.

विज्ञापन

नयी दिल्ली |: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से बचने और इसकी रोकथाम से बचने के लिए आज रात 12 बजे से देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया है. इसके बावजूद गैर जरूरी गतिविधियों के लिए जहां लोगों का बाहर निकलना जारी है वहीं पुलिस ऐसे लोगों को घर में रहने का महत्व समझाने के लिए नायाब तरीके अपना रही है.

अनावश्यक बाहर घूमने वालों को मुर्गा बनाने, उठक बैठक करवाने से लेकर उनकी गलती का एहसास कराने के लिए पर्चे पर ‘स्वीकारोक्ति’ लिखकर उसके साथ व्यक्ति की फोटो खींचने तक, पुलिस कर्मी सभी तरीके अपना रहे हैं. एक व्यक्ति ने ट्वीट किया, “आंध्र प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने से पहले सोचें, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने आवश्यक सामान खरीदने के लिए एक परिवार के एक ही व्यक्ति को जाने की अनुमति दी है. पांच व्यक्तियों से अधिक संख्या में एकत्रित होने पर कड़ा प्रतिबंध है.”

ट्वीट करने वाले व्यक्ति ने इसके साथ 14 सेकंड का वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें आंध्र प्रदेश पुलिस बाहर निकलने वालों को उठक बैठक करवा रही है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि महाराष्ट्र पुलिस ने भी कुछ ऐसा ही तरीका अपनाते हुए कम से कम नौ लोगों से यातयात सिग्नल के पास उठक बैठक करवाई.

पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पुलिस ने बंद का पालन कराने के लिए एक कदम आगे जाकर कार्रवाई की. ट्विटर के एक यूजर ने ट्वीट किया, “उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘जनता कर्फ्यू’ को सफल बनाने के लिए अनावश्यक रूप से बाहर घूमने वालों को दंडित किया.” ट्वीट के साथ लगाए गए वीडियो में नियम तोड़ने वालों को पुलिस द्वारा मुर्गा बनाते हुए देखा जा सकता है. पंजाब में बाहर घूमने वालों को या तो हाथ पांव के बल रेंगने को कहा जा रहा है या सड़क पर चारों खाने चित लेटने की सजा दी जा रही है.

उत्तराखंड में बंद के नियम न मानने वालों की एक पर्ची के साथ तस्वीर खींची जा रही है जिसपर लिखा है, “मैं समाज का दुश्मन हूँ, मैं घर पर नहीं रह सकता.” पंजाब में सजा पाने वालों की तस्वीर के साथ एक व्यक्ति ने ट्वीट किया, “पंजाब पुलिस…, नागिन डांस भी करवा दो भाई. इनसे… लोगों को समझ में क्यों नहीं आ रहा कि यह बहुत गंभीर मामला है.

कृपया अपने घरों में रहें.” नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने भी सामाजिक दूरी को प्रोत्साहन देने के दिल्ली पुलिस के तरीकों की प्रशंसा ट्विटर पर करते हुए वीडियो साझा किया। गुंटूर, तेलंगाना, सीकर (राजस्थान) जैसी जगहों पर पुलिस ने नियम न मानने वालों पर लाठियां भी चलाईं. कई मामलों में आवश्यक काम के लिए बाहर जाने वालों को भी पुलिस ने परेशान किया. कई लोगों ने ऐसी घटनाओं के वीडियो ट्विटर पर साझा किए.

विज्ञापन
शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola