Delhi Blast : लाल किला विस्फोट में बड़ा खुलासा, धमाके के वक्त कार में था ये शख्स

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 13 Nov 2025 8:05 AM

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दिल्ली धमाके का ताजा अपडेट

Delhi Blast : सरकार ने लाल किला के बाहर कार विस्फोट को आतंकी घटना बताया है. सूत्रों के अनुसार, कश्मीर के पुलवामा में डॉ. उमर के परिवार से लिए गए डीएनए नमूने कार से मिले अवशेषों से मेल खा गए. इससे पुष्टि हुई कि विस्फोट के समय हुंडई i20 कार डॉ. उमर ही चला रहे थे.

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Delhi Blast : लाल किला के बाहर हुए विस्फोट की जांच जारी है. इस बीच एक बड़ा खुलासा धमाके को लेकर हुआ है. डीएनए जांच से पुष्टि हुई है कि दिल्ली के लाल किला के पास हुए भीषण धमाके को अंजाम देने वाला व्यक्ति कश्मीर का डॉक्टर उमर उन नबी था. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे ने खबर प्रकाशित की है. वह पेशे से डॉक्टर था और विस्फोट में उसके शरीर के चीथड़े उड़ गए थे. इससे उसकी पहचान पहले संभव नहीं हो पाई थी. यह धमाका 10 नवंबर को लाल किला के बाहर भीड़भाड़ वाले इलाके में हुआ था. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और पूरे पुराने दिल्ली क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत और कई घायल हुए.

डीएनए नमूने कार से मिले अवशेषों से मेल खा गए

जांच कर रहे अधिकारियों को शुरू से शक था कि धमाका करने वाला डॉक्टर उमर ही है, क्योंकि उसने विस्फोट से 11 दिन पहले ही हमले में इस्तेमाल की गई सफेद हुंडई i20 कार खरीदी थी. बाद में पुलवामा में उसके परिवार से लिए गए डीएनए नमूने कार से मिले अवशेषों से मेल खा गए. इससे यह पुष्टि हुई कि धमाके के वक्त वही कार चला रहा था. अधिकारियों ने अब उमर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के उस लॉजिस्टिक मॉड्यूल से जोड़ा है, जो फरीदाबाद, लखनऊ और दक्षिण कश्मीर के बीच एक्टिव था.

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बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में 9 से 10 सदस्य थे, जिनमें 5 से 6 डॉक्टर शामिल थे. ये डॉक्टर अपने मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके विस्फोटक बनाने के लिए जरूरी कैमिकल और अन्य चीजें खरीदते थे.

उमर 9 नवंबर से था लापता

पुलिस के अनुसार, उमर 9 नवंबर से लापता था. एक दिन पहले फरीदाबाद के एक गोदाम से करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था. माना जा रहा है कि वह धौज गांव के पास छिप गया था. उसने पांच मोबाइल फोन बंद कर दिए थे और 30 अक्टूबर से यूनिवर्सिटी की ड्यूटी पर नहीं जा रहा था. विस्तृत जांच में अब कई और लोगों के नाम सामने आए हैं. इनमें डॉक्टर शाहीन शाहिद भी शामिल हैं, जिन्हें फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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