NEET पेपर लीक: फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार, दो आरोपियों की जमानत पर होगी सुनवाई

विरोध प्रदर्शन करते छात्रों का फाइल फोटो और गोल घेरे में कोर्ट का सांकेतिक फोटो, PHOTO एक्स
NEET UG पेपर लीक मामले में नवगठित फास्ट ट्रैक कोर्ट पहली बार सुनवाई करेगी. आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर फैसला संभव. जानिए पूरी खबर.
यह पहला मौका होगा जब नवगठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट NEET UG पेपर लीक से जुड़े मामले में सुनवाई करेगी.
आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी कोर्ट
फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. ये दोनों आरोपी सीबीआई (CBI) द्वारा NEET UG पेपर लीक साजिश के तहत गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों का संबंध उस नेटवर्क से है जिसने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक किया और उसे आगे विभिन्न अभ्यर्थियों तक पहुंचाया.
फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और उद्देश्य
देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया था. उन्होंने 23 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की शृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा."
संसद में विधेयक पेश करेगी मोदी सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 23 जुलाई को घोषणा की थी कि संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे. इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी.
10 साल की सजा और 10 करोड़ का जुर्माना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई को प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी. इसमें 10 साल तक की जेल की सजा और अधिकतम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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