Delhi Air Pollution: किसानों पर दोष मढ़ना बहुत आसान…दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर SC की सख्त टिप्पणी, केंद्र को सुझाव

दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण छाया धुंध
Delhi Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण को लेकर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने क्रेंद्र सरकार को एक्शन प्लान बनाने का भी निर्देश दिया. साथ ही कहा कि अब एयर-पॉल्यूशन मामले पर हर महीने कम से कम दो बार सुनवाई होगी.
Delhi Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और संबंधित अधिकारियों को दिल्ली NCR में एयर-पॉल्यूशन लेवल कम करने के लिए अपने एक्शन-प्लान पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया है, ताकि यह देखा जा सके कि इससे कोई असरदार बदलाव आया है या नहीं.
एक्शन-प्लान पर फिर से विचार क्यों नहीं करते : सुप्रीम कोर्ट
CJI सूर्यकांत शर्मा ने केंद्र से कहा- आप अपने एक्शन-प्लान पर फिर से विचार क्यों नहीं करते ताकि आप खुद देख सकें कि क्या आपने कोई असरदार बदलाव लाए हैं? और अगर लाए हैं तो क्या वे ज़रूरत से कम हैं? हमें लगता है कि यह देखना ज़रूरी है कि आपका कोई एक्शन प्लान असरदार या बेअसर या कम असरदार साबित हुआ है या नहीं? आपकी हिचकिचाहट, भरोसे के बावजूद कि क्या आप असरदार बदलाव ला पाएंगे, क्या एक्शन प्लान पर फिर से विचार करना सही नहीं है? आपने अब तक जो कदम उठाए हैं, उनका मूल्यांकन करें.
वायु प्रदूषण मामले में अब हर महीने दो बार सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह एयर-पॉल्यूशन मामले पर हर महीने कम से कम दो बार सुनवाई करेगा. उसने माना कि सर्दियों के मौसम के बाद हालात ठीक हो सकते हैं, लेकिन इस मामले में इतिहास खुद को दोहराएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- पराली जलाने के अलावा वायु प्रदूषण के और कौन से कारण?
सुप्रीम कोर्ट ने CAQM की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी से पूछा कि पराली जलाने के अलावा, एयर पॉल्यूशन बढ़ने में और कौन से कारण हैं.
किसानों पर दोष मढ़ना बहुत आसान: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उस तबके (किसानों) पर दोष मढ़ना बहुत आसान है जिनका हमारे सामने कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बढ़ते एयर-पॉल्यूशन के पीछे पराली जलाने के अलावा दूसरे फैक्टर्स का साइंटिफिक एनालिसिस भी देखना होगा. SC ने कहा, पराली जलाना तो आम बात थी. 4-5 साल पहले लोग नीला आसमान क्यों देख सकते थे. अब क्यों नहीं देख सकते?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










