Cyclone Biporjoy : कच्छ के जखाऊ पत्तन में होगा लैंडफाॅल, 190 किलोमीटर/ घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Mumbai: Police personnel restrict visitors entering the sea water at Juhu Beach ahead of cyclone Biparjoys expected landfall in Kutch, in Mumbai, Monday, June 12, 2023. (PTI Photo) (PTI06_12_2023_000186A)
आईएमडी ने 15 जून को कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. आईएमडी ने यह भी कहा है कि समुद्र में हवा की गति 190 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है.
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय काफी खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है और इसके बृहस्पतिवार को गुजरात के कच्छ जिले में जखाऊ पत्तन के पास लैंडफाॅल करने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को यह जानकारी दी और कहा कि हवा की अधिकतम गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गयी है.
अधिकारियों ने बताया कि कच्छ, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, जूनागढ़ और मोरबी के तटीय जिलों में समुद्र तट के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ ही मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है और बंदरगाहों पर चेतावनी के संकेत लगा दिये गये हैं.
आईएमडी अहमदाबाद केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, चक्रवात के जखाऊ बंदरगाह के पास टकराने का अनुमान है. यह 15 जून को दोपहर के आसपास गुजरात के तट पर पहुंचेगा. इससे पहले 135-145 किमी प्रति घंटा से लेकर 150 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बहुत भारी बारिश होगी. उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ सहित अन्य क्षेत्रों में 15-16 जून को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है और मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है.
अधिकारियों के अनुसार करीब 7,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और कच्छ-सौराष्ट्र जिलों में तट से 10 किलोमीटर की दूरी तक बसे गांवों के निवासियों को वहां से हटाने का अभियान मंगलवार को शुरू होगा. पोरबंदर के 31 गांवों से करीब 3,000 लोगों को और देवभूमि द्वारका में करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
कच्छ के जिलाधिकारी अमित अरोड़ा ने कहा, करीब 3,000 लोगों, खासकर मछुआरे और एक बंदरगाह पर काम करने वाले मजदूरों को कांडला स्थानांतरित कर दिया गया है. समुद्र के पास कुछ झुग्गियों के निवासियों को भी मांडवी स्थानांतरित कर दिया गया है. तट से 10 किमी के दायरे में स्थित गांवों के करीब 23,000 लोगों को मंगलवार को कैंप में ले जाया जायेगा. कच्छ जिले के तटीय इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है और सभी स्कूल एवं कॉलेज 15 जून तक बंद कर दिए गए हैं. इस बीच, दक्षिण और उत्तर गुजरात के तटीय जिलों- वलसाड, गिर सोमनाथ, भावनगर और अमरेली के कुछ हिस्सों में सोमवार को सुबह हल्की बारिश हुई.
अधिकारियों के अनुसार प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बलों (एनडीआरएफ और एसडीआरएफ) के दलों को तैयार रखा गया है और प्रशासन थल सेना, नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के संपर्क में है. मौसम विभाग ने दिन में जारी नवीनतम बुलेटिन में कहा कि चक्रवात सात किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर की ओर बढ़ा और पोरबंदर से करीब 320 किमी दक्षिण-पश्चिम, देवभूमि द्वारका से 360 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, जखाऊ बंदरगाह से 440 किमी दक्षिण, नलिया से 440 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और कराची (पाकिस्तान) से 620 किमी दक्षिण में स्थित था.
विभाग के अनुसार चक्रवात के 14 जून की सुबह तक उत्तर की ओर बढ़ने का अनुमान है. केंद्र ने राज्य सरकार को तटीय और अपतटीय गतिविधियों को विनियमित करने एवं कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी सहित सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों से लोगों को हटाने का निर्देश दिया है. आईएमडी ने 15 जून को कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. आईएमडी ने यह भी कहा है कि समुद्र में हवा की गति 190 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है.
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