36 हजार सिम कार्ड्स, 11 हजार करोड़ का साइबर फ्रॉड: अड्डा-कंबोडिया, शिकार- पूरा भारत 

Updated at : 21 Jan 2026 10:47 AM (IST)
विज्ञापन
36 हजार सिम कार्ड्स, 11 हजार करोड़ का साइबर फ्रॉड: अड्डा-कंबोडिया, शिकार- पूरा भारत 
जोधपुर पुलिस ने इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड को किया गिरफ्तार

पुलिस को साइबर क्राइम के मामले में कामयाबी मिली है. राजस्थान की जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी. 

विज्ञापन

यह गिरोह इंडिया के अलावा कंबोडिया, सिंगापुर और मलेशिया से ऑपरेट हो रहा था, लेकिन इसका मुख्य अड्डा कंबोडिया था. इस पूरी कार्रवाई की अगुवाई पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने की. जांच में सामने आया कि आरोपी भारतीय सिम कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे.

क्या था मोडस ओपरंड़ाई

फ्रॉड व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से कान्टैक्ट करते थे और उन्हें फर्जी इनवेस्टमेंट और ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम में पैसा लगाने के लिए फंसाते थे. टेक्निकल इंवेस्टिगेशन में पता चला कि कॉल और मैसेज कंबोडिया के प्रीआ सिहानूक इलाके से किए जा रहे थे, जबकि नंबर भारतीय होते थे. 

गैंग का तरीका चालाक था. ग्राहक को एक ही सिम दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम गिरोह अपने पास रख लेता था. बाद में ये अतिरिक्त सिम कार्ड महंगे दामों पर बेचे जाते और मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेज दिए जाते, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था.

पुलिस ने इंडियन फ्रॉड को किया गिरफ्तार

पुलिस ने करीब 2.30 लाख सिम कार्ड्स का रिकॉर्ड खंगाला. इसमें से लगभग 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में रोमिंग पर चल रहे थे. इनमें से 5,300 सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों में हुए 1,100 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए. अब तक पुलिस ने पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • हेमंत पंवार (नागौर – सिम डिस्ट्रीब्यूटर)
  • रामावतार राठी (सिम बेचने वाला एजेंट)
  • हरीश मलाकार (अजमेर)
  • मोहम्मद शरीफ (जोधपुर)
  • संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब)

इसके अलावा, चार मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, जिनके जरिए सिम कार्ड कंबोडिया भेजे गए थे.

Look Out in Cyber Fraud

देश में हुआ करोड़ों का नुकसान

इस साइबर ठगी से देश के कई राज्यों को भारी नुकसान हुआ है. सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र को हुआ, जहां करीब 248.21 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई. इसके बाद तमिलनाडु में 225.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. दिल्ली में ठगों ने 73.67 करोड़ रुपये, जबकि तेलंगाना में 73.43 करोड़ रुपये की ठगी की. वहीं कर्नाटक में यह आंकड़ा 71.79 करोड़ रुपये रहा और राजस्थान में करीब 25.71 करोड़ रुपये की साइबर ठगी सामने आई.

Loss in Cyber Fraud

अब पुलिस करीब 5,000 सस्पिशस सिम कार्ड और उनके व्हाट्सएप अकाउंट्स को ब्लॉक कर रही है. साथ ही एक SIT बनाई गई है, जो पूरे नेटवर्क, बाकी आरोपियों, पैसों के लेनदेन और ठगी से जुड़े लोगों की गहराई से जांच करेगी. 

विज्ञापन
Nishant Kumar

लेखक के बारे में

By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola